comScore अमेरिका में गुजराती मूल के कारोबारी को ICE ने किया गिरफ्तार, 13 साल पुराने निर्वासन आदेश पर हुई बड़ी कार्रवाई - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

अमेरिका में गुजराती मूल के कारोबारी को ICE ने किया गिरफ्तार, 13 साल पुराने निर्वासन आदेश पर हुई बड़ी कार्रवाई

| Updated: July 6, 2026 13:57

मेन राज्य में स्टोर चलाने वाले धवल पटेल को ICE ने किया अचानक गिरफ्तार, 2011 के डिपोर्टेशन (निर्वासन) आदेश को लेकर हुई कार्रवाई। वकीलों ने फेडरल कोर्ट में दी चुनौती।

अमेरिका के मेन राज्य में एक गुजराती मूल के स्टोर मालिक को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने अचानक हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई को उनके वकीलों ने संघीय अदालत में चुनौती दी है। वहीं, अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों का कहना है कि यह व्यक्ति साल 2011 से ही अंतिम निर्वासन (डिपोर्टेशन) आदेश के अधीन था।

गिरफ्तार किए गए कारोबारी का नाम धवल कालिदास पटेल है। वह मेन राज्य के फ्रेंडशिप शहर में ‘वालेस मार्केट’ नाम का एक सुविधा स्टोर चलाते हैं। बीते 27 जून को जब वह अपने स्टोर के कैश काउंटर पर काम कर रहे थे, तभी अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

इस व्यापार का संचालन धवल अपनी पत्नी के साथ मिलकर करते हैं। उनकी पत्नी का आरोप है कि ICE के एजेंट अचानक वहां पहुंचे और बिना कोई कारण बताए उनके पति को हथकड़ियां पहनाकर अपने साथ ले गए।

इस घटना के तुरंत बाद ‘ग्रेटर बोस्टन लीगल सर्विसेज’ की वकील ऑड्रे रिचर्डसन के नेतृत्व में पटेल की कानूनी टीम ने मोर्चा संभाला। उन्होंने संघीय अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर करते हुए धवल की हिरासत को गैरकानूनी बताया। वकीलों ने अदालत से ICE को उन्हें कोर्ट में पेश करने का आदेश देने की मांग की।

याचिका दायर होने के कुछ ही घंटों के भीतर, अमेरिकी जिला न्यायाधीश इंदिरा तलवानी ने एक आपातकालीन आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के तहत ICE को पटेल को मैसाचुसेट्स के बाहर किसी भी अन्य डिटेंशन सेंटर में ट्रांसफर करने से रोक दिया गया है।

फिलहाल धवल पटेल को मैसाचुसेट्स की प्लायमाउथ काउंटी करेक्शनल फैसिलिटी में रखा गया है। अदालत ने संघीय सरकार को सोमवार, 6 जुलाई तक इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जबकि सुनवाई की अगली तारीख अभी तय नहीं हुई है।

पटेल की वकील ने अदालत को बताया कि वह एक बेहद मेहनती इंसान हैं और अपनी पत्नी तथा अमेरिका में जन्मे बच्चे की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि शुरुआत में ICE अधिकारियों ने अपनी पहचान तक उजागर नहीं की और यह भी नहीं बताया कि वे उन्हें कहां ले जा रहे हैं।

अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पटेल को स्कारबोरो पहुंचने पर ही अपने परिवार से फोन पर बात करने की अनुमति दी गई।

इस पूरे ऑपरेशन पर नॉक्स काउंटी के शेरिफ पैट्रिक पोल्की ने भी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि संघीय एजेंसियों के लिए इस तरह की कार्रवाई से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, इस विशिष्ट मामले में ICE ने उनके कार्यालय को पहले ही सूचना दे दी थी।

ICE ने 29 जून को एक आधिकारिक बयान जारी कर गिरफ्तारी का कारण बताया। एजेंसी के अनुसार, पटेल ने 1 नवंबर 2010 को अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश किया था और उस वक्त बॉर्डर पेट्रोल ने उन्हें पकड़ लिया था।

पटेल को 18 मार्च 2011 को हिरासत से रिहा कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद वह आव्रजन अधिकारियों और इमिग्रेशन कोर्ट के समक्ष पेश होने में विफल रहे। इसी लापरवाही के परिणामस्वरूप, एक इमिग्रेशन जज ने 8 अगस्त 2011 को उनकी अनुपस्थिति में ही उनके खिलाफ अंतिम निर्वासन आदेश जारी कर दिया था।

ICE ने अपने बयान में पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि निर्वासन की आगे की कार्यवाही पूरी होने तक धवल पटेल संघीय हिरासत में ही रहेंगे।

यह भी पढ़ें-

अहमदाबाद: 1 लाख के कर्ज के बदले एक महीने की मासूम को ‘बेचा’, पुलिस तक पहुंचा मामला

हैरान करने वाले आंकड़े: भारत में 90% निवेशक 5 साल से पहले ही बंद कर देते हैं अपनी म्यूचुअल फंड SIP

Your email address will not be published. Required fields are marked *