अहमदाबाद में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 19 वर्षीय महिला ने वटवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है कि एक लाख रुपये का कर्ज वसूलने के लिए एक महिला ने उसकी एक महीने की नवजात बच्ची का कथित तौर पर सौदा कर दिया। गनीमत यह रही कि करीब 10 दिन बाद मासूम को सुरक्षित लौटा दिया गया, जिसके बाद सदमे में आए माता-पिता ने शनिवार रात पुलिस की शरण ली।
प्राथमिक जांच और दर्ज एफआईआर के अनुसार, पीड़िता का पति ऑटो रिक्शा चलाता है। यह दंपती पहले आरोपी महिला के घर के पास ही रहता था और उसे अपने परिवार के सदस्य की तरह ही मानता था। यह पति-पत्नी हाथीजण इलाके में आरोपी महिला के अपार्टमेंट के ठीक नीचे स्थित एक रेस्टोरेंट में काम भी करते थे।
शिकायतकर्ता ने बताया कि करीब चार महीने पहले उसके पति ने नया ऑटो रिक्शा खरीदने के लिए आरोपी महिला से एक लाख रुपये उधार लिए थे। बीते 3 जून को वटवा के एक अस्पताल में जब पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, तो उसके तुरंत बाद आरोपी ने अपने कर्ज की रकम वापस मांगनी शुरू कर दी।
बच्ची के जन्म के करीब 20 दिन बाद, यह दंपती आरोपी महिला के घर गया था। आरोप है कि वहां उस महिला ने एक अजीबोगरीब प्रस्ताव रखा। उसने कहा कि अगर वे अपनी बच्ची उसे सौंप दें, तो वह एक लाख रुपये का कर्ज माफ कर देगी और ऊपर से दो लाख रुपये नकद भी देगी। आरोपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बच्ची की परवरिश एक बेहद संपन्न परिवार में होगी, लेकिन मां ने इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया।
चूंकि शिकायतकर्ता की हाल ही में सर्जरी हुई थी और वह खाना बनाने में असमर्थ थी, इसलिए परिवार भोजन के लिए आरोपी महिला के घर आता-जाता रहा। इसी का फायदा उठाते हुए लगभग 10 दिन पहले आरोपी उनके घर आई। उसने बच्ची के साथ कुछ घंटे खेलने के बहाने उसे मांगा। उस पर पूरा भरोसा होने के कारण मां ने अपनी नवजात बच्ची उसे सौंप दी।
जब देर शाम तक महिला नवजात को लेकर वापस नहीं लौटी, तो घबराए हुए माता-पिता उसके पास पहुंचे। वहां आरोपी ने बेहद बेरुखी से उन्हें बताया कि उसने बच्ची को एक दूसरे परिवार को ‘बेच’ दिया है।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने उस परिवार की पहचान या संपर्क विवरण बताने से साफ इनकार कर दिया और बार-बार यही कहती रही कि अब बच्ची उन्हें कभी वापस नहीं मिलेगी।
एफआईआर में कहा गया है कि माता-पिता की लगातार मिन्नतों के बावजूद आरोपी ने कई दिनों तक बच्ची को नहीं लौटाया। हालांकि, शनिवार सुबह रहस्यमयी तरीके से मासूम बच्ची को उसके माता-पिता के पास वापस ला दिया गया। इस खौफनाक घटना से बुरी तरह डरी हुई मां ने उसी दिन बाद में अपने पति के साथ वटवा पुलिस से संपर्क किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस इस पूरी साजिश और मासूम की खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोपों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
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