हार्दिक का बयान अनैतिक और ईमानदारी की कमी वाला -जिग्नेश मेवाणी

| Updated: May 20, 2022 3:36 pm

कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाले वडगाम के एक निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद लगातार कांग्रेस नेतृत्व पर प्रहार करने वाले हार्दिक पटेल पर खुला आक्रमण करते हुए उन्हें डरा हुआ अनैतिक करार देते हुए अचानक उमड़े भाजपा प्रेम को 32 केसो का भय बताया। विदित हो की हार्दिक और जिग्नेश दोनों आंदोलन के सहारे सामाजिक जीवन में आये है , और जिग्नेश के कांग्रेस में अपनी भूमिका को हार्दिक पटेल कई बार सार्वजिक तौर से कह चुके हैं।

  • राहुल गाँधी ने मेरी गिरफ्तारी के वक्त आधी रात को समन्यवय स्थापित किया
  • विचारधारा कोई कपडा नहीं , जब चाहा पहना , जब चाहा उतार दिया

कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाले वडगाम के एक निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद लगातार कांग्रेस नेतृत्व पर प्रहार करने वाले हार्दिक पटेल पर खुला आक्रमण करते हुए उन्हें डरा हुआ अनैतिक करार देते हुए अचानक उमड़े भाजपा प्रेम को 32 केसो का भय बताया। विदित हो की हार्दिक और जिग्नेश दोनों आंदोलन के सहारे सामाजिक जीवन में आये है , और जिग्नेश के कांग्रेस में अपनी भूमिका को हार्दिक पटेल कई बार सार्वजिक तौर से कह चुके हैं।

राजीव भवन में आयोजित पत्रकार परिषद को सम्बोधित करते हुए वडगाम विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा की राजनीतिक सक्रियता में सबसे महत्वपूर्ण पहलू नैतिकता है और हार्दिक पटेल ने कांग्रेस के खिलाफ अपनी टिप्पणियों के माध्यम से दिखाया है कि उनका कोई नैतिक झुकाव नहीं है। मेवाणी ने बताया, “कांग्रेस पर हार्दिक का तंज अनैतिक था और उसने ईमानदारी की कमी को उजागर किया।”

मेवाणी ने जोर देकर कहा कि हार्दिक पटेल के लिए यह कहना अनुचित था कि कांग्रेस पार्टी गुजरात विरोधी है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी रात के मध्य में राज्य नेतृत्व के साथ समन्वय करने के लिए उठे जब मुझे गिरफ्तार किया गया और असम ले जाया गया।”दलित नेता ने आगे कहा कि पटेल के कांग्रेस के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन पर नेतृत्व के साथ चर्चा की जानी चाहिए। इसके बजाय, पटेल ने इसे व्यक्तिगत रूप से लिया। उन्होंने जोर देकर कहा, “हार्दिक का अपने त्याग पत्र में यह कहना बहुत ही अनैतिक था कि राज्य नेतृत्व राहुलजी के लिए चिकन सैंडविच की व्यवस्था करने में व्यस्त था।”

22 मई को, बनासकांठा जिले के वाव तालुका में ‘ऑल कास्ट कन्वेंशन

निचले वर्गों के अधिकारों के लिए प्रचार करने की अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए, मेवाणी ने कहा, “22 मई को, हम बनासकांठा जिले के वाव तालुका में ‘ऑल कास्ट कन्वेंशन’ आयोजित करेंगे। फिर गुजरात के विभिन्न उत्तरी क्षेत्रों में और अभियान चलाए जाएंगे।”

मेवाणी ने केवल पाटीदारों के खिलाफ मामले वापस लेने के सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाया। सरकार ने उना विरोध प्रदर्शन में शामिल दलितों के खिलाफ केस वापस क्यों नहीं लिया? उसने पूछा।

“विचारधारा कोई वस्त्र नहीं है, यह नस में धागों की तरह होना चाहिए। हम झुकने वाले नहीं हैं। कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव एक समेकित एससी, एसटी, अल्पसंख्यक, ओबीसी मोर्चे के साथ लड़ेगी”, मेवाणी ने कहा।

भाजपा अपने ही किले में एक अकेले जिग्नेश मेवाणी से क्यों है परेशान ?

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