सिंगापुर एयरलाइंस की एक उड़ान के दौरान एयर होस्टेस के साथ छेड़छाड़ और उसे गैलरी में घेरकर परेशान करने के आरोप में एक भारतीय नागरिक को छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। यह घटना हवा में सफर कर रहे यात्रियों और क्रू मेंबर की सुरक्षा पर एक गंभीर सवाल उठाती है।
दोषी की पहचान 35 वर्षीय आकाश तिवारी के रूप में हुई है। 22 जून को अदालत ने उसे जेल की सजा के साथ-साथ पीड़िता को हर्जाने के तौर पर 1,270.95 सिंगापुर डॉलर (करीब 4,000 मलेशियाई रिंगिट) चुकाने का भी आदेश दिया है। छेड़छाड़ और उत्पीड़न के एक-एक मामले में अपना गुनाह कबूल करने वाले इस भारतीय यात्री को हर्जाना न चुकाने की स्थिति में पांच दिन अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे।
यह शर्मनाक घटना 9 फरवरी को थाईलैंड (बैंकॉक) से सिंगापुर आ रही एक फ्लाइट में हुई थी। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, तिवारी अपने चार अन्य दोस्तों के साथ सफर कर रहा था। यह पूरा ग्रुप विमान में काफी हंगामा कर रहा था और जब भी कोई महिला क्रू मेंबर पास से गुजरती, वे हाथ हिलाकर हंसने लगते थे।
उत्पीड़न का यह सिलसिला बैंकॉक में विमान के उड़ान भरने से पहले ही शुरू हो गया था। जब पीड़िता यात्रियों के भोजन का ऑर्डर कन्फर्म कर रही थी, तब तिवारी ने अपना हाथ फैलाकर उसकी बाईं जांघ को छुआ। इस हरकत के बाद वह और उसके दोस्त बेशर्मी से हंसने लगे।
पीड़िता ने तुरंत इस घटना की जानकारी चीफ स्टीवर्डेस को दी। स्थिति को देखते हुए उसे दूसरे गलियारे (आइल) में काम करने के लिए भेज दिया गया ताकि वह उस यात्री से बच सके। लेकिन तिवारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। जब पीड़िता भोजन की ट्रे इकट्ठा कर रही थी, तब उसने अपनी बाईं कोहनी से एयर होस्टेस को फिर से गलत तरीके से छुआ।
डिप्टी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर लिंडा ली ने अदालत को बताया कि पीड़िता इस हरकत से बेहद परेशान हो गई थी। उसने साफ शब्दों में आरोपी को उसे न छूने की चेतावनी दी। लेकिन माफी मांगने के बजाय तिवारी मुस्कुराने लगा। लगातार परेशान हो रही पीड़िता ने उसे खुद से दूर रहने की हिदायत दी।
जब चीफ स्टीवर्डेस और पीड़िता ने मिलकर तिवारी का विरोध किया, तब भी उसने कोई पछतावा नहीं दिखाया और उल्टा यह दावा किया कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। घटना का सबसे खौफनाक हिस्सा तब हुआ जब विमान लैंडिंग के लिए नीचे उतरने लगा।
पीड़िता खुद को बचाने के लिए विमान की गैलरी में चली गई, लेकिन तिवारी वहां भी उसके पीछे पहुंच गया। वह उसके बेहद करीब खड़ा हो गया और दूर रहने की उसकी सभी अपीलों को अनसुना कर दिया। सरकारी वकील के मुताबिक, दूर हटने के बजाय आरोपी ने अपना धमकाने वाला रवैया जारी रखा और पीड़िता को गैलरी में पूरी तरह से घेर लिया।
डरी-सहमी पीड़िता ने उसे पीछा करना बंद करने के लिए चिल्लाया और वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार उसके पीछे पड़ा रहा। विमान में बैठे अन्य यात्रियों ने भी इस पूरी घटना को देखा।
तिवारी तब जाकर रुका जब पीड़िता ने भागकर चीफ स्टीवर्डेस से मदद मांगी। उस समय तक पीड़िता रोने लगी थी और डर के मारे बुरी तरह कांप रही थी। सिंगापुर में विमान के लैंड होते ही तिवारी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
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