अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। गुजरात हाई कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी सांसद संजय सिंह को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने दोनों नेताओं की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के मुकदमों का ट्रायल (सुनवाई) अलग-अलग चलाने की मांग की थी।
यह पूरा मामला गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा दायर एक आपराधिक शिकायत से जुड़ा है, जिसमें दोनों नेताओं पर पीएम मोदी की डिग्री को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है।
न्यायमूर्ति ने सुनाया फैसला
गुजरात हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एम.आर. मेंगडे ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों याचिकाओं को “खारिज” करने का फैसला सुनाया। इससे पहले, अदालत ने 22 दिसंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब मंगलवार को सुनाया गया है।
क्या थी नेताओं की दलील?
‘आप’ नेताओं ने हाई कोर्ट में सत्र न्यायालय (सेशंस कोर्ट) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उनकी रिवीजन याचिका को नामंजूर कर दिया था। केजरीवाल और संजय सिंह का तर्क था कि उनके द्वारा की गई कथित टिप्पणियाँ अलग-अलग तारीखों और अलग-अलग समय पर की गई थीं। इस आधार पर उनका कहना था कि उन दोनों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई संयुक्त रूप से न होकर अलग-अलग होनी चाहिए। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
क्या है पूरा मामला?
साल 2023 में गुजरात विश्वविद्यालय ने अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। विश्वविद्यालय का आरोप है कि इन नेताओं ने पीएम मोदी की डिग्री के संदर्भ में संस्थान के खिलाफ “व्यंग्यात्मक और अपमानजनक” बयान दिए। शिकायत में कहा गया है कि प्रेस के माध्यम से दिए गए इन बयानों से विश्वविद्यालय की साख और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
यह विवाद तब गहराया था जब गुजरात हाई कोर्ट ने मुख्य सूचना आयोग (CIC) के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें गुजरात यूनिवर्सिटी को आरटीआई (RTI) के तहत अरविंद केजरीवाल को पीएम मोदी की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। उस वक्त अदालत ने केजरीवाल पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसी आदेश के बाद ‘आप’ नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
विवादित बयान जिन पर है आपत्ति
गुजरात विश्वविद्यालय ने अपनी शिकायत में उन बयानों का विशेष रूप से उल्लेख किया है जो इन नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए थे। शिकायत के अनुसार, केजरीवाल ने कथित तौर पर कहा था:
“अगर डिग्री है और वह असली है, तो दी क्यों नहीं जा रही? गुजरात यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी डिग्रियां क्यों उपलब्ध नहीं करा रहे हैं? जानकारी क्यों नहीं दी जा रही?… डिग्री इसलिए नहीं दी जा रही क्योंकि हो सकता है कि डिग्री फर्जी हो। अगर प्रधानमंत्री दिल्ली यूनिवर्सिटी और गुजरात यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं, तो गुजरात यूनिवर्सिटी को तो जश्न मनाना चाहिए कि हमारा लड़का देश का प्रधानमंत्री बन गया। लेकिन यूनिवर्सिटी तो डिग्री छिपाने की कोशिश कर रही है।”
फिलहाल, हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों नेताओं को एक साथ ही इस कानूनी कार्यवाही का सामना करना होगा।
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