पुणे के लोहगढ़ किले में पच्चीस वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस की एक साधारण जांच ने एक बेहद खौफनाक हत्या की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। शुरुआत में केतन के परिवार ने अपनी होने वाली बहू बीस वर्षीय सिया गोयल पर किसी भी तरह के शक से साफ इनकार कर दिया था। परिवार का मानना था कि सिया उनकी अपनी बेटी जैसी है और वे इस दुखद समय में कोई विवाद नहीं चाहते थे।
लेकिन पुलिस ने एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की कड़ियां जोड़ना शुरू किया और एक के बाद एक चौंकाने वाले सच सामने आते चले गए।
अठारह जून को किले से साढ़े तीन सौ मीटर गहरी खाई में गिरने से केतन की दुखद मौत हो गई थी। इसके तीन दिन बाद इक्कीस जून को लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन की एक टीम किले पर पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। यहीं से पूरी जांच की दिशा बदल गई। फुटेज में केतन और सिया के ठीक पीछे एक हुडी पहना हुआ संदिग्ध शख्स नजर आया। इतनी भयंकर गर्मी वाले दिन अपना चेहरा छिपाने के लिए हुडी पहनना पुलिस की नजरों में खटक गया।
सीसीटीवी फुटेज को गहराई से देखने पर पता चला कि सिया हर दो-तीन मिनट में पीछे मुड़कर उस हुडी वाले शख्स को देख रही थी। एक जगह सिया अपने चेहरे के पास हाथ ले जाकर कुछ इशारा करती है और वह अजनबी उसका तुरंत जवाब देता है। पुलिस के अनुसार इस शख्स ने किले पर चढ़ने और उतरने में कुल अड़तालीस मिनट का समय लिया।
पच्चीस मिनट ऊपर जाने और पंद्रह मिनट नीचे आने के समय को हटा दें, तो वह शख्स किले की चोटी पर महज आठ से दस मिनट ही रुका था। कोई भी व्यक्ति इतनी मशक्कत करके किसी ऐतिहासिक पहाड़ी किले पर सिर्फ दस मिनट के लिए नहीं जाता है।
पुलिस का शक तब यकीन में बदल गया जब सिया ने अपने बयान बदलने शुरू कर दिए। पहले उसने कहा था कि फोटो खींचते समय केतन का पैर फिसल गया था। लेकिन बाद में उसने कहानी बदलते हुए कहा कि किले की चढ़ाई के बाद वह थक गई थी और पानी मांग रही थी, इसी दौरान पानी की बोतल देते समय केतन अपना संतुलन खो बैठा।
जांच में पुलिस को केतन के फोन में उस दिन की एक भी तस्वीर नहीं मिली। इसके अलावा सिया ने जिस जगह रुकने की बात कही थी, वहां बैठने की बिल्कुल जगह नहीं थी और वह आम रास्ते से कटा हुआ एक बेहद सुनसान इलाका था। जब पुलिस ने सिया के कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल की, तो यह साबित हो गया कि हुडी वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि उसका प्रेमी चेतन चौधरी था।
चेतन ने पुलिस को चकमा देने के लिए एक बेहद शातिर योजना बनाई थी। वह अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ आया था और अपने परिवार की किराने की दुकान पर काम करने वाले एक कर्मचारी का फोन अपने साथ लाया था।
जांच में यह भी सामने आया कि सिया ने इससे पहले बाली में होने वाले अपने प्री-वेडिंग फोटोशूट को भी खराब करने की साजिश रची थी। उसने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया था, जिससे दोनों को मुंबई एयरपोर्ट से ही बैरंग वापस लौटना पड़ा था। अठारह जून से पहले भी सिया दो बार केतन को लोहगढ़ ले गई थी, लेकिन दोनों ही मौकों पर वे अपनी खौफनाक योजना को अंजाम देने में विफल रहे थे।
केतन शहर के जाने-माने रियल एस्टेट व्यवसायी विशाल अग्रवाल के बेटे थे और अमेरिका के बोस्टन से मास्टर डिग्री पूरी करके लौटे थे। वह अपनी पारिवारिक कंपनी में निदेशक का पद संभाल रहे थे। वहीं दूसरी ओर सिया कॉमर्स की छात्रा है जिसने हाल ही में अपना बेकरी व्यवसाय शुरू किया था। सिया और पुणे से बीबीए की पढ़ाई कर रहे चेतन के बीच पिछले साल अक्टूबर से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था। सिया का परिवार मसालों और ड्राई फ्रूट्स के कारोबार से जुड़ा है।
केतन और सिया के परिवारों के बीच यह रिश्ता बहुत ही जल्दबाजी में तय हुआ था। इस साल फरवरी में केतन का परिवार कर्नाटक के गुलबर्गा में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। इसी समारोह में उनकी मुलाकात सिया और उसके परिवार से हुई। हालांकि दोनों परिवार नब्बे के दशक से एक-दूसरे को जानते थे।
पुलिस जांच के मुताबिक बारह और तेरह फरवरी को दोनों परिवारों के बीच रिश्ते की बात चली और महज एक हफ्ते बाद उन्नीस फरवरी को पुणे के एक होटल में उनकी सगाई हो गई। इस साल के अंत में राजस्थान में एक बेहद भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग की योजना बनाई गई थी। शादी के लिए बकायदा एक शानदार महल की बुकिंग हो चुकी थी और मेहमानों को ले जाने के लिए दो विशेष चार्टर्ड विमान भी किराये पर लिए गए थे।
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