कड़ी सुरक्षा के बीच शिवसेना विधायक नीतिन देशमुख सूरत सिविल अस्पताल में भर्ती , पत्नी ने दर्ज करायी पुलिस शिकायत

| Updated: June 21, 2022 2:04 pm

  • सीएम उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से बात करने और उन्हें मनाने के लिए मिलिंद नार्वेकर और रवि फाटक को ज़िम्मेदारी सौंपी
  • शिवसेना के शहर कार्यालय सातारा को लगा ताला।
  • सातारा शहर प्रमुख निलेश मोरे, उप शहर प्रमुख गणेश अहीवले हुए नॉट रिचेबल
  • नासिक जिले के शिव सेना के पांच प्रमुख नेता और पदाधिकारी नॉट रिचेबल

एक अहम् घटनाक्रम में शिवसेना विधायक नीतिन देशमुख की तबीयत ख़राब होने पर रात 4 बजे सूरत के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है , वहीँ उनकी पत्नी ने उनके गुमशुदगी की शिकायत महाराष्ट्र में दर्ज करायी है। गुजरात भाजपा प्रमुख सीआर पाटिल ऑपरेशन लोटस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बड़ा खेल कर दिया है। गुजरात और महाराष्ट्र की राजनीति को एक साधने में माहिर सी आर पाटील ने आलाकमान के निर्देश पर आपरेशन लोटस को अंजाम देकर महाराष्ट्र की उध्दव सरकार को संकट में डाल दिया है।


महाराष्ट्र में इन दिनों सियासत गरमाई हुई है. शिवसेना के शीर्ष नेता एकनाथ शिंदे का कथित तौर पर 19 पार्टी विधायकों के साथ गुजरात के सूरत के ली मेरेडियन होटल में हैं , रात 2 बजे पुलिस ने होटल में सुरक्षा बढ़ा दी थी , किसी दूसरे के आने जाने पर भी प्रतिबन्ध हैं।

सूत्रों के मुताबिक प्रशासन को पहले से ही जानकारी दे दी गयी थी सुबह सयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने होटल का दौरा कर आधीनस्थो को निर्देश दिए . वहीँ एक अहम् घटनाक्रम में शिवसेना विधायक नीतिन देशमुख की तबीयत ख़राब होने पर रात 4 बजे सूरत के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है , वहीँ उनकी पत्नी ने उनके गुमशुदगी की शिकायत महाराष्ट्र में दर्ज करायी है।

जिसके बाद सूरत सिविल अस्पताल में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीयों को तैनात कर दिया गया है। सीएम उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से बात करने और उन्हें मनाने के लिए मिलिंद नार्वेकर और रवि फाटक को ज़िम्मेदारी सौंपी है , वह सूरत के लिए रवाना हो गए हैं। वहीँ शिवसेना के शहर कार्यालय सातारा को ताला लग गया है। सातारा शहर प्रमुख निलेश मोरे, उप शहर प्रमुख गणेश अहीवले हुए का फ़ोन बंद आ रहा है। नासिक जिले के शिव सेना के पांच प्रमुख नेता और पदाधिकारी नॉट रिचेबल बताये जा रहे हैं।

पहली बार इस तरह के ओपरेशन के लिए सूरत का इस्तेमाल किया जा रहा है बताया जा रहा है कि सब कुछ अचानक नहीं हुआ , सूरत की मरेटियन होटल की बुकिंग 2 दिन पहले ही बंद कर दी गयी थी , कल दोपहर तक जो लोग होटल में रुके थे वह चेक आउट कर चुके हैं , होटल में रात 8 बजे तक विद्यायकों को आ जाना था , लेकिन उनके आने में विलम्ब हुआ , रात डेढ़ बजे शिंदे समेत 19 विधायकों की पहली टीम पहुंची , उसके एक घंटे बाद 3 और फिर 2 और फिर 6 विधायक पहुंचे , 11 बजे तक तीस विधायक पहुंच चुके है , होटल में विधायकों के आलावा 2 निजी लोग और भाजपा नेता मौजूद है।

आपरेशन से गुजरात पुलिस और सरकार को भी अलग रखा गया था , केवल सी आर पाटिल को पता था , आपरेशन की रणनीति सीआर पाटिल और महाराष्ट्र के एक पूर्व मुख्यमंत्री की मुलाकात में दो महीने पहले ही बन जाने की जानकारी सूत्र दे रहे है। सूरत को चुनने के लिए भी खास वजह है। सूरत पूरी तरह से सी आर पाटिल के नियंत्रण में है , और शिवसेना एनसीपी का कोई प्रभाव नहीं है , पिछली बार अजीत पवार के सियासी खेल को मुंबई में शिव सैनिको ने फेल कर दिया था। होटल से वह अपने विधायकों को निकाल ले जाने में कामयाब हो गए थे।

आपरेशन कमल – पहले से तय था ऑपरेशन, दो दिन पहले से बंद हो गयी थी होटल की बुकिंग , जाने क्यों चुना गया सूरत

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