त्विषा शर्मा की मौत के मामले ने इंटरनेट पर हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके एक नोट में ससुराल में उत्पीड़न और माता-पिता से मिलने की तड़प के चौंकाने वाले दावे किए गए थे।
फिलहाल इस पूरे मामले की पुलिस जांच चल रही है। इसी बीच शर्मा की सास ने भी अपनी बहू को लेकर कुछ ऐसे दावे किए हैं जो अब तेजी से वायरल हो रहे हैं।
त्विषा शर्मा की सास के सनसनीखेज आरोप
त्विषा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने दावा किया है कि उनकी बहू गर्भावस्था के दौरान मारिजुआना (गांजा) का सेवन करती थी और उसका मनोरोग इलाज भी चल रहा था।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच महीनों में त्विषा के माता-पिता उसे एक बार भी देखने नहीं आए। उनका आरोप है कि वे लोग सिर्फ उसकी खूबसूरती की वजह से पैसे कमा रहे थे और अब उसका अंतिम संस्कार भी नहीं होने दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने जांच एजेंसियों और सच्चाई पर अपना पूरा भरोसा जताया है।
सिंह ने आगे बताया कि त्विषा के माता-पिता ने ही उसे कम उम्र में ग्लैमर की दुनिया में धकेल दिया था और बाद में उससे किनारा कर लिया। उनके मुताबिक, त्विषा ने खुद प्रेगनेंसी के दौरान भारी मात्रा में मारिजुआना पीने की बात कबूली थी।
परिवार के लिए एक गहरा सदमा
इस घटना को परिवार के लिए एक बड़ा नुकसान बताते हुए गिरिबाला सिंह ने कहा कि हालात चाहे जो भी रहे हों, वह उनके परिवार का हिस्सा थी।
उन्होंने खुलासा किया कि त्विषा की मनोरोग काउंसलिंग भी हुई थी। उसे वही दवाइयां दी जा रही थीं जो सिज़ोफ्रेनिया के मरीजों को दी जाती हैं।
सास ने बताया कि वह एक-दो दिन ठीक रहती थी, लेकिन फिर उसकी हालत बदलने लगती थी। उन्होंने त्विषा के हाथों में कंपन जैसे शारीरिक लक्षण भी देखे थे, जो आमतौर पर नशा छोड़ने के बाद दिखने वाले विड्रॉल सिंड्रोम होते हैं। उनका कहना है कि उसने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
गर्भपात को लेकर किए गए दावे
गर्भपात को लेकर भी सास ने गंभीर बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब त्विषा ने एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) का पहला कोर्स शुरू किया, तो वह इसे वापस पलटना चाहती थी।
हालांकि, गिरिबाला जानती थीं कि ऐसा करना संभव नहीं था। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि त्विषा ने उन्हें खुशी के वो पल महसूस ही नहीं करने दिए। अक्सर युवा लड़कियां ऐसे कठोर कदम उठा लेती हैं, जो दिल तोड़ने वाला है।
सिंह ने दावा किया कि 7 मई को उसने गोली खाई होगी और पूरी एमटीपी प्रक्रिया पूरी की, जिसमें परिवार को उसका साथ देना पड़ा।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
इन दावों के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि हमेशा खुश और मस्तमौला रहने वाली लड़की के बारे में ये सब सुनना बेहद दुखद है।
लोगों का कहना है कि जब सच्चाई सामने आ रही है, तो बचाव में इतने दिनों से रची गई कहानियां पेश की जा रही हैं।
एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि सास एक रिटायर्ड जज है, इसलिए वह हर सवाल का ठोस जवाब देना जानती है। उसका बेटा भी एक वकील है, इसलिए दोनों को स्थिति संभालना अच्छे से आता है।
यूजर्स का यह भी मानना है कि एक जज होने के नाते उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में वैवाहिक विवादों और घरेलू हिंसा के मामलों को करीब से देखा है। नेटिज़न्स का तर्क है कि उन्हें अच्छी तरह पता है कि तथ्यों को कैसे तोड़ा-मरोड़ा जाता है, कानूनी कमियों का फायदा कैसे उठाया जाता है और जवाबदेही से बचने के लिए दूसरों पर दोष कैसे मढ़ा जाता है।
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