साल 2024 में जब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) पेपर लीक के बड़े आरोपों से घिरी थी, तब इसके विरोध में पूरे देश में प्रदर्शन हुए थे। उस समय महाराष्ट्र के लातूर के एक केमिस्ट्री टीचर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर छात्रों के बड़े रक्षक बनकर उभरे थे।
बच्चे उन्हें प्यार से “M Sir” कहकर बुलाते हैं। उन्होंने बच्चों के साथ ‘घोर अन्याय’ होने की बात कहते हुए छात्रों की ओर से अदालत में एक याचिका भी दायर की थी।
अब ठीक दो साल बाद इस कहानी में एक हैरान करने वाला मोड़ आया है। 2026 के नीट यूजी पेपर लीक मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें वही “M Sir” भी शामिल हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद 2024 का उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा में आ गया है। इस पुराने वीडियो में वह छात्रों के लिए न्याय की मांग करते और उनके हक में अपनी आवाज बुलंद करते हुए नजर आ रहे हैं।
एक कार के अंदर रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो संदेश में मोटेगांवकर छात्रों से सीधे मुखातिब होते हैं। वह बच्चों को बताते हैं कि उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर दी है।
वीडियो में वह आगे कहते हैं कि नीट 2024 में हुए एक बड़े घोटाले को देखते हुए उन्होंने छात्रों की तरफ से एक अलग याचिका भी लगाई है।
उनका दावा था कि इस घोटाले का सबसे बड़ा और नकारात्मक असर महाराष्ट्र में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर पड़ेगा। इसके साथ ही वह बताते हैं कि वे लोग मुंबई पहुंच चुके हैं और बॉम्बे हाई कोर्ट में सभी जरूरी जानकारी जुटाने का काम कर रहे हैं।
अपने इसी संदेश में उन्होंने कहा था कि वे महाराष्ट्र के सभी न्यूज़ चैनलों के प्रतिनिधियों से मिलकर इसे एक जन आंदोलन बनाना चाहते हैं। उनका मानना था कि बच्चों के साथ हो रहे इस बड़े अन्याय के खिलाफ मीडिया की भागीदारी बेहद जरूरी है।
अब रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को खुद नीट यूजी पेपर लीक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उनके परिसरों पर छापेमारी की थी। इस तलाशी के दौरान उनके मोबाइल फोन से एक लीक हुआ प्रश्न पत्र बरामद हुआ, जिसके बाद रविवार (17 मई) को सीबीआई ने मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया।
लातूर के एक कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले ‘M Sir’ का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने से की थी। उस दौर में वह छात्रों के घर तक पहुंचने के लिए पूरे शहर में साइकिल से घूमा करते थे।
1990 के दशक के अंत में उन्होंने एक किराए के कमरे में अपना कोचिंग इंस्टीट्यूट शुरू किया था। उनके इस पहले बैच में मात्र दस छात्रों ने दाखिला लिया था।
हाथ से लिखे नोट्स तैयार करने से लेकर छात्रों के छोटे बैच को पूरी शिद्दत से पढ़ाने तक, उन्होंने बच्चों पर अपना पूरा समय निवेश किया। अपनी इसी लगन और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार टॉपर देने की क्षमता की वजह से वह छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए।
आज के समय में इंस्टाग्राम पर उनके 68,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा यूट्यूब, व्हाट्सएप और प्ले स्टोर पर उनके अपने ऐप के जरिए भी उनकी मजबूत डिजिटल उपस्थिति है।
रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) अपने खास केमिस्ट्री नोट्स, टेस्ट सीरीज और पढ़ाने के अनोखे तरीके के लिए पहचानी जाती है। यहां नीट, जेईई और सीईटी की तैयारी करने वाले छात्र पूरे महाराष्ट्र से आते हैं।
वर्तमान में लातूर की मुख्य शाखा सहित आरसीसी (RCC) की कुल नौ शाखाएं संचालित हो रही हैं। शिक्षा के इस बड़े साम्राज्य में हर साल लगभग 40,000 छात्र दाखिला लेते हैं।
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