विजय रूपाणी ने किया दावा विपक्ष पेगासस के मामले का कर रहा है खुद के लिए इस्तेमाल

| Updated: July 20, 2021 7:38 pm

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी ने पेगासस मुद्दे पर झूठा विवाद पैदा करने वाली विपक्ष की राष्ट्र विरोधी मानसिकता की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस विदेशी शक्तियों को मोहरा बनकर भारत की प्रतिष्ठा व सम्मान को नुकसान पहुंचा रही है। संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही पेगासस स्पाईवेयर का मुद्दा उठाना विपक्ष की राष्ट्रविरोधी मानसिकता को पूर्णतया रूप से दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस कई समय से सत्ता में रही है , इसलिए अब वह बिना पानी के मछली की तरह छटपटा रही है . राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर विश्व में भारत की प्रतिष्ठा धूल में मिल रही है रही है और कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे है, लेकिन कांग्रेस के यह इरादे पूरे नहीं होंगे।

जब प्रधान मंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी संसद में नवनियुक्त मंत्रियों को पेश करने की प्रक्रिया में थे, कांग्रेस ने हस्तक्षेप किया और संसदीय प्रणाली का उल्लंघन किया। कांग्रेस के सत्ता गंवाने के बाद विपक्ष के रूप में देश के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने के बजाय वह मोदीजी के विकास को राजनीति में ला रही है।

उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी ने फोन टैपिंग का मुद्दा उठाया है, उसने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया है कि भारत में पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है या नहीं ।साथ ही, भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश में Pegasus स्पाइवेयर का उपयोग नहीं किया जाता है।

हैरानी की बात है कि 45 देश पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन भारत, जिसने पेगासस का उपयोग करने के आरोपों का खंडन किया है, को निशाना बनाया जा रहा है और बाकी देश कहीं नहीं हैं।

कांग्रेस सहित विपक्ष ने भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमलों के खिलाफ सवाल उठाने, राफेल डील को गलत तरीके से पेश करने और कृषि कानूनों के खिलाफ अभियान चलाने जैसे कृत्यों को अंजाम दिया है। वह देशद्रोही गिरोह, सेना को बदनाम करने वाले अर्बन नक्सल गिरोह, आतंकवादी अफजल की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट को कातिल बताने वाला गिरोह का समर्थक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के विकास को कुछ ताकतों द्वारा खतरे के रूप में देखा जाता है। संसद के मानसून सत्र से पहले भड़क उठा यह विवाद महज संयोग नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रतिशोध है।

2016 में एक आरटीआई के जवाब में, यूपीए सरकार ने स्वीकार किया कि वह हर महीने 9,000 टेलीफोन और 500 ई-मेल खातों की निगरानी करती है। हाल ही में राजस्थान में कांग्रेस सरकार का फोन टैपिंग अध्याय भी सामने आया था। विपक्ष ने भारत की छवि खराब करने के लिए फर्जी और मनगढ़ंत जासूसी का मुद्दा उठाया है।

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