गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को एक ऐसी जगह से समर्थन मिला है, जिसकी राजनीति में शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी। पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने गुजरात में भाजपा सरकार के कामकाज की खुलकर तारीफ की है।
उन्होंने कहा कि अपने काम और सुशासन की बदौलत ही बीजेपी को गुजरात में इतना भारी जनसमर्थन हासिल है।
यूसुफ पठान ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी और गुजरात में बीजेपी के शासन के बीच एक दिलचस्प समानता बताई। उनका मानना है कि जिस तरह टीएमसी ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं की मदद से बंगाल में अपना एक मजबूत जनाधार बनाया है, ठीक उसी तरह गुजरात में बीजेपी को उसके बेहतरीन काम और सुशासन के कारण लोगों का साथ मिलता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में चुनाव के नतीजे इस बात पर निर्भर करते हैं कि जनता विकास और सरकार के प्रदर्शन को किस नजरिए से देखती है।
टीएमसी सांसद यूसुफ पठान मूल रूप से वडोदरा के ही रहने वाले हैं। वह वडोदरा नगर निगम चुनाव के दौरान शहर के टंडलजा इलाके में स्थित एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने पहुंचे थे। अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने ये अहम बातें साझा कीं।
टीम इंडिया के इस पूर्व क्रिकेटर ने बताया कि गुजरात के मतदाताओं का मुख्य ध्यान हमेशा ‘विकास’ पर रहता है। यहां बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण लोगों को अक्सर असुविधा होती है और जलभराव जैसी शिकायतें भी सामने आती हैं। लेकिन इसके बावजूद, गुजरात की जनता उन्हीं पार्टियों का समर्थन करती है जो उनके लिए जमीन पर ठोस परिणाम लेकर आती हैं।
कुछ राज्यों में चुनिंदा राजनीतिक दलों के लंबे दबदबे पर भी यूसुफ पठान ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि बंगाल में अगले चार-पांच दशकों तक टीएमसी का वर्चस्व कायम रहेगा और इसे कोई नहीं बदल सकता।
उन्होंने माना कि गुजरात में भी बीजेपी को लेकर अक्सर यही दावा किया जाता है और यह एक जमीनी सच्चाई है। उनका कहना है कि चुनाव में किसी भी पार्टी का प्रदर्शन पूरी तरह से जनता के भरोसे, जमीनी स्तर पर जुड़ाव और जमीन पर दिखने वाले विकास कार्यों पर ही टिका होता है।
पठान के अनुसार, कोई भी सरकार मुख्य रूप से दो बातों के आधार पर सत्ता में आती है। पहला यह कि पार्टियां जनता के लिए कितने प्रभावी ढंग से काम करती हैं और दूसरा यह कि मतदाता उस काम के जवाब में बैलेट बॉक्स पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
उन्होंने लोगों से विकास को ध्यान में रखते हुए अपने मताधिकार का पूरी जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने की अपील भी की।
उन्होंने आगे कहा कि मतदान करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। मतदाताओं को विकास के नजरिए से इसे एक जिम्मेदारी के तौर पर निभाना चाहिए। लोग आमतौर पर ऐसे उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों का ही समर्थन करते हैं, जो उनके साथ सीधे तौर पर जुड़े रहते हैं। जो जनता की चिंताओं को सुनते हैं और उनके रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत करते हैं।
इसके अलावा टीएमसी सांसद ने मतदान के आंकड़ों में किसी भी तरह के ‘जादुई आंकड़े’ की बात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए साफ किया कि चुनावों में वोटिंग प्रतिशत के आंकड़े मोटे तौर पर हमेशा एक समान ही रहते हैं।
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