फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी के बीच एक बेहद दिलचस्प वाकया देखने को मिला। एवियन में जब सभी वैश्विक नेता एक पारंपरिक ग्रुप फोटो के लिए इकट्ठा हुए, तब पीएम मोदी ने मेलोनी का अभिवादन किया।
इसके जवाब में मेलोनी ने बेहद गर्मजोशी से कहा कि आपको फिर से देखकर अच्छा लगा। इसी दौरान जब पीएम मोदी ने ‘मेलोडी टॉफी’ के वायरल होने का जिक्र किया, तो पास लगे माइक पर मेलोनी की एक मजाकिया टिप्पणी रिकॉर्ड हो गई। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि हां, हम इंस्टाग्राम पर सबसे मशहूर कपल हैं।
यह हंसी-मजाक पिछले महीने के उस वाकये से जुड़ा है, जब पीएम मोदी ने उन्हें ‘मेलोडी टॉफी’ दी थी और उनकी उस सेल्फी को करोड़ों व्यूज मिले थे। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री ने एक वीडियो पोस्ट करके उन्हें धन्यवाद भी दिया था।
इस वीडियो में उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी हमारे लिए एक बहुत ही बेहतरीन टॉफी का उपहार लेकर आए हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो का क्रेज इतना ज्यादा था कि इसे पोस्ट होने के महज छह घंटे के भीतर ही इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ (100 मिलियन) व्यूज मिल गए थे।
दोनों दिग्गज नेताओं के बीच इस शानदार तालमेल की शुरुआत साल 2022 में हुई थी। 22 अक्टूबर 2022 को इटली की सत्ता संभालने के कुछ समय बाद ही मेलोनी की मुलाकात पीएम मोदी से हुई थी। उस दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के साथ ही भारतीय प्रधानमंत्री ने उन्हें पारंपरिक ‘पाटन पटोला’ स्कार्फ भेंट किया था।
इसके बाद 2023 के जी-20 शिखर सम्मेलन और COP28 के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकातों ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं। सोशल मीडिया पर #Melodi हैशटैग पहली बार 1 दिसंबर 2023 को ट्रेंड करने लगा था। यह तब हुआ जब मेलोनी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट पर पीएम मोदी के साथ एक सेल्फी साझा करते हुए लिखा था कि COP28 में अच्छे दोस्त, #Melodi। पीएम मोदी ने भी इस पोस्ट को दोबारा शेयर करते हुए लिखा था कि दोस्तों से मिलना हमेशा आनंददायक होता है।
सोशल मीडिया की इस ‘मेलोडी’ केमिस्ट्री का असर दोनों देशों के कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारत और इटली के संबंध अब ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंच गए हैं। दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार शानदार वृद्धि के साथ 14.25 अरब यूरो के आंकड़े को छू चुका है। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने मिलकर साल 2029 तक इस व्यापार को 20 अरब यूरो के पार ले जाने का एक नया और अहम लक्ष्य भी तय किया है।
व्यापार के अलावा दोनों नेताओं ने रक्षा संबंधों में भी नई जान फूंकी है। साल 2012 की इटालियन मरीन घटना और अगस्ता वेस्टलैंड भ्रष्टाचार घोटाले जैसे पुराने विवादों के कारण इन रिश्तों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। लेकिन अब दोनों देश व्यापक सैन्य और औद्योगिक सहयोग की एक मजबूत नींव रख चुके हैं। इसी साल मई में पीएम मोदी की रोम यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों ने सैन्य हार्डवेयर और अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों के सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए एक रक्षा औद्योगिक रोडमैप भी तैयार किया है।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर यह साझेदारी सिर्फ व्यापार और रक्षा तक ही सीमित नहीं है। इंडो-पैसिफिक और भूमध्य सागर में अपने साझा हितों को ध्यान में रखते हुए भारत और इटली समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपने सहयोग को लगातार गहरा कर रहे हैं। नेताओं की व्यक्तिगत बॉन्डिंग किस तरह दो देशों के कूटनीतिक और सामरिक संबंधों को एक नई दिशा दे सकती है, यह इसका एक बेहतरीन उदाहरण बन चुका है।
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