अहमदाबाद: भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। कंपनी ने 20 गीगावाट (GW) ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही यह ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट के जरिए इस मुकाम तक पहुंचने वाली भारत की पहली रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी बन गई है।
कंपनी अब सालाना 52 बिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रही है। यह आंकड़ा भारत की कुल बिजली खपत का लगभग 3 प्रतिशत है। यह बिजली इतनी अधिक है कि इससे पूरे न्यूयॉर्क शहर को एक साल तक रोशन किया जा सकता है, या लगभग पूरे मुंबई और नई दिल्ली की संयुक्त ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
अडानी ग्रीन की यह उपलब्धि भारत के यूटिलिटी-स्केल सोलर इंस्टॉलेशन का लगभग 14 प्रतिशत और यूटिलिटी सोलर-विंड क्षमता का लगभग 12 प्रतिशत है।

कंपनी ने यह ऐतिहासिक मुकाम महज एक दशक के भीतर हासिल किया है। साल 2016 में तमिलनाडु के कामुथी में अपने पहले रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर अब तक, यह भारत का सबसे बड़ा और सबसे तेज ग्रीनफील्ड क्षमता विस्तार रहा है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में 5,051 मेगावाट (MW) क्षमता जोड़ी है, जो चीन के बाहर किसी भी कंपनी द्वारा सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि है।
इस शानदार उपलब्धि पर अडानी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक श्री सागर अडानी ने कहा कि 20 GW का आंकड़ा पार करना अनुशासित कार्यप्रणाली और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज कंपनी अपनी कुशल टीम और साझेदारों के साथ मिलकर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर रही है और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को गति दे रही है।

वर्तमान में कंपनी के ऑपरेशनल पोर्टफोलियो में लगभग 14.2 GW सोलर, 2.7 GW विंड और 3.3 GW विंड-सोलर हाइब्रिड क्षमता शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने 3.55 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी चालू किया है। यह चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से लागू किया गया डिप्लॉयमेंट है।
हाल ही में 26 जून को लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान साइंस म्यूजियम में आयोजित पहले अडानी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में भी श्री सागर अडानी ने इसी दिशा में जोर दिया था। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और सस्ती व चौबीसों घंटे क्लीन पावर के लिए बड़े पैमाने पर स्टोरेज के साथ रिन्यूएबल एनर्जी की आवश्यकता को रेखांकित किया था।

भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए श्री अडानी ने कहा कि बैटरी स्टोरेज अब विश्वसनीय और स्वच्छ बिजली देने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। कंपनी की योजना FY27 में 10 GWh और अगले पांच वर्षों में 50 GWh तक बैटरी स्टोरेज बढ़ाने की है, ताकि 2030 तक 50 GW रिन्यूएबल क्षमता का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
कंपनी के अगले चरण के विकास का सबसे बड़ा केंद्र गुजरात के कच्छ स्थित खावड़ा में है, जो दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट है। पेरिस से पांच गुना बड़े और लगभग मुंबई के आकार वाले 538 वर्ग किलोमीटर के बंजर क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 30 GW होगी। कंपनी पहले ही यहां 9.5 GW की सोलर क्षमता चालू कर चुकी है, जो प्रोजेक्ट की कुल नियोजित क्षमता का 30 प्रतिशत से अधिक है।
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