अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित अलाचुआ काउंटी जेल में एक 40 वर्षीय गुजराती डॉक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक की पहचान चिन्तन विमलकुमार शाह के रूप में हुई है। उन पर अमेरिका में बाल यौन शोषण सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) रखने और उसे प्रसारित करने के कई बेहद गंभीर मामले दर्ज थे। यह घटना बीते गुरुवार की है, जब मौत से चंद दिन पहले ही उन पर कुछ नए आरोप भी तय किए गए थे।
अलाचुआ काउंटी शेरिफ कार्यालय के मुताबिक, चिन्तन शाह यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा में एसोसिएट क्लिनिकल प्रोफेसर रह चुके थे और ‘यूएफ हेल्थ शैंड्स’ में नेफ्रोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत थे। जेल प्रशासन ने उन्हें एक अलग सेल में अकेला रखा था, जहां वे अचेत अवस्था में पाए गए। इस घटना की आधिकारिक सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। फिलहाल अधिकारियों ने मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया है और मामले की गहन जांच की बात कही है।
इस पूरे मामले की शुरुआत 8 जुलाई को हुई थी, जब एक ‘साइबरटिप’ के आधार पर शाह को पहली बार गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं को एक किक (Kik) अकाउंट के बारे में अहम सुराग मिले थे, जिसके जरिए कथित तौर पर एक छोटी बच्ची का आपत्तिजनक वीडियो साझा किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शाह के फोन की तलाशी ली, जिसमें और भी कई संदिग्ध चीजें मिलने पर छह नए आरोप जोड़े गए। इसके बाद 18 जुलाई को जांच एजेंसियों को और अधिक सामग्री हाथ लगी, जिसके आधार पर उन पर 34 अतिरिक्त मामले दर्ज कर लिए गए।
मौत से कुछ समय पहले इस केस में एक और खौफनाक खुलासा सामने आया था। जांच टीम ने एक ऐसी नाबालिग लड़की की पहचान की थी, जिसके साथ शाह कथित तौर पर लगातार संपर्क में थे। लड़की ने पुलिस को बताया कि डॉक्टर ने उससे यौन रूप से स्पष्ट तस्वीरें मांगी थीं। इतना ही नहीं, जब लड़की ने ऐसा करने से मना किया, तो आरोपी ने उसके माता-पिता से शिकायत करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल भी किया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने आरोपी के घर के इंटरनेट अकाउंट की मदद से उसकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रेस किया और फिर तलाशी के वारंट हासिल किए।
डिजिटल जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ ऐसी तस्वीरें भी मिलीं, जिन्हें कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके हेरफेर किया गया था। इन तस्वीरों में बिकनी पहने छोटी बच्चियों के फोटो से डिजिटल तरीके से कपड़े हटाए गए थे। इसके अलावा एक तस्वीर किसी ऐसी वयस्क महिला की भी थी, जिसे शाह व्यक्तिगत रूप से जानते थे। हालांकि पूछताछ के दौरान शाह ने किक अकाउंट के बारे में कोई भी जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया था और अपने वकील से बात करने की मांग रखी थी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने शाह को जमानत देने का कड़ा विरोध किया था। वकीलों ने कोर्ट में चिंता जताई थी कि अगर उन्हें जमानत मिली तो वे भारत भाग सकते हैं, क्योंकि उनका जन्म और पालन-पोषण भारत में ही हुआ है।
इस चौंकाने वाले मामले के सामने आने से पहले शाह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद ‘यूएफ हेल्थ’ ने उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया था और अपनी आधिकारिक वेबसाइट से उनकी प्रोफाइल पूरी तरह हटा दी थी।
यह भी पढ़ें-










