अहमदाबाद: इस साल गुजरात में मेडिकल और डेंटल सीटों पर दाखिले की स्थिति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार नीट (NEET) परीक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या में भारी कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल 38,000 छात्रों ने यह परीक्षा पास की है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 51,000 था।
पास होने वाले छात्रों की संख्या घटने का सीधा असर राज्य की मेरिट सूची पर भी पड़ा है। इस बार कुल 16,430 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 15,651 छात्रों को मेरिट लिस्ट में जगह मिली है। वहीं, 609 उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए हैं। अगर पिछले साल से इसकी तुलना करें, तो तब करीब 24,000 छात्र राज्य की मेरिट लिस्ट में शामिल थे।
छात्रों का पूल छोटा होने के बावजूद, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का अनुमान है कि एडमिशन का कट-ऑफ काफी हाई रहेगा। इसका मुख्य कारण यह है कि जिन छात्रों ने इस साल परीक्षा पास की है, उनके स्कोर काफी बेहतरीन हैं। इन हाई स्कोर्स की वजह से मेरिट लिस्ट के शीर्ष पर रहने वाले उम्मीदवारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
इस बार के नतीजों में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। साल 2026 में गुजरात के एक भी छात्र ने 720 में से पूरे 720 अंक हासिल नहीं किए हैं। जबकि इसके ठीक उलट, साल 2025 में राज्य के 16 छात्रों ने इस परीक्षा में परफेक्ट स्कोर प्राप्त किया था।
प्रवेश समिति से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शहरी केंद्रों के शीर्ष सरकारी और स्व-वित्तपोषित (सेल्फ-फायनांस्ड) कॉलेजों में क्लोजिंग कट-ऑफ हमेशा की तरह बहुत ज्यादा रहने की उम्मीद है। हालांकि, बाहरी या दूरदराज के इलाकों में स्थित कॉलेजों में छात्रों को थोड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि वहां मेरिट की जरूरतें मामूली रूप से कम होने की संभावना है।
दाखिले की प्रक्रिया में शामिल छात्र 19 अगस्त तक राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने ऑनलाइन सुधार (करेक्शन) फॉर्म जमा कर सकते हैं। शिक्षा विभाग द्वारा राज्य कोटा प्रवेश का पूरा शेड्यूल ऑल इंडिया कोटा (All India Quota) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घोषित किया जाएगा।
विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस 15,651 छात्रों वाली कुल मेरिट सूची में जनरल कैटेगरी के 3,804 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा एसईबीसी (SEBC) वर्ग से 4,768, एससी (SC) से 1,800 और एसटी (ST) वर्ग से 2,282 उम्मीदवारों ने अपनी जगह पक्की की है। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस (EWS) कैटेगरी के तहत 2,997 छात्रों को मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया है।
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