गुजरात के अमरेली जिले में अवैध रूप से शेर देखने गए एक 21 वर्षीय युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी है। यह खौफनाक घटना 8 जुलाई की शाम को लिलिया तालुका में अंटालिया राजस्व क्षेत्र और लुवारिया रिजर्व फॉरेस्ट की सीमा के पास घटी। इस दर्दनाक हादसे के बाद वन विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का मानना है कि यह समूह शेरों को करीब से देखने के लिए उनके प्राकृतिक आवास में घुस गया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस तरह की गतिविधि पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। अब जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस समूह की हरकतों ने शेरों को परेशान किया, जिसके कारण यह जानलेवा हमला हुआ।
मेटिंग के दौरान आक्रामक हुआ शेर
वन विभाग ने मृतक की पहचान 21 वर्षीय सोहिल मेमन के रूप में की है। यह जानलेवा हमला शाम 7.30 बजे से 8 बजे के बीच हुआ। घटना की सूचना मिलते ही शेत्रुंजी डिवीजन के उप वन संरक्षक (DCF) चिराग अमीन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी लिलिया रेंज कार्यालय पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
डीसीएफ चिराग अमीन के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के वक्त एक शेर और शेरनी मेटिंग पीरियड (प्रजनन काल) के दौरान एक साथ थे। उसी समय यह समूह अवैध रूप से शेरों को देखने के लिए वहां पहुंच गया।
अधिकारियों को शक है कि इस दखलंदाजी से जानवर भड़क गए और उकसावे के कारण आक्रामक हुए नर शेर ने सोहिल पर सीधा हमला कर दिया।
शव को जंगल के गहरे हिस्से में खींच ले गया शेर
हमले के बाद शेर सोहिल के शव को जंगल के काफी अंदर तक घसीट ले गया। वन अधिकारियों ने बताया कि शेर बेहद आक्रामक स्थिति में काफी देर तक शव के पास ही डटा रहा।
शेर के इस खतरनाक व्यवहार को देखते हुए वनकर्मियों को शव बरामद करने के लिए एक बेहद सतर्क और सुनियोजित अभियान चलाना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद टीम ने शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो युवक हिरासत में, डिलीट किया गया डेटा FSL भेजा गया
इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने दो युवकों को हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर इस लायन-वॉचिंग समूह का हिस्सा थे। अधिकारियों द्वारा उनसे सघन पूछताछ की जा रही है, ताकि मौके पर मौजूद अन्य लोगों की भी जल्द पहचान की जा सके।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए युवकों के मोबाइल फोन से अवैध लायन वॉचिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए फोटो और वीडियो डिलीट कर दिए गए थे। इतना ही नहीं, फोन के डेटा का एक हिस्सा फॉर्मेट भी कर दिया गया था।
अब इन मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञ डिलीट की गई फाइलों को रिकवर करने का प्रयास करेंगे। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इस रिकवर किए गए डेटा से जानलेवा हमले से ठीक पहले के घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
क्या है अवैध लायन वॉचिंग?
कानून की व्याख्या करते हुए डीसीएफ चिराग अमीन ने स्पष्ट किया कि किसी गांव या खेत में स्वाभाविक रूप से शेर का दिख जाना गैरकानूनी नहीं माना जाता है।
हालांकि, शेर का पीछा करने, उसे परेशान करने या उकसाने के इरादे से जानबूझकर उसके प्राकृतिक आवास में घुसना एक बहुत गंभीर अपराध है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जंगली जानवरों को परेशान करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंसान और शेरों के बीच बढ़ता संघर्ष
इस ताजा घटना ने एक बार फिर गिर क्षेत्र के आसपास इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले 20 दिनों में इस इलाके में इंसानों पर शेर के हमले के कम से कम चार मामले सामने आ चुके हैं।
सौराष्ट्र भर में शेर से जुड़ी कई अन्य घटनाओं के बाद यह नवीनतम मौत हुई है। इससे पहले जून महीने में अमरेली जिले के चातुरी गांव में शेर के हमले में एक पांच वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई थी।
वन अधिकारियों ने हाल ही में जाफराबाद, सावरकुंडला, राजुला और भावनगर में भी शेरों के संदिग्ध हमलों की जांच की है। एशियाई शेरों और इंसानों के बीच बढ़ती इन मुठभेड़ों ने प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।
जांच जारी
फिलहाल वन विभाग डिजिटल सबूत जुटाने और घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों की पहचान करने में जुटा हुआ है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि क्या वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के गंभीर उल्लंघन के कारण ही सोहिल मेमन की जान गई।
भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों ने अवैध लायन वॉचिंग के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने की अपनी अपील को फिर से दोहराया है।
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