comScore नीट विवाद: 2 मांगों पर झुकी सरकार, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर आर-पार के मूड में CJP - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

नीट विवाद: 2 मांगों पर झुकी सरकार, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर आर-पार के मूड में CJP

| Updated: July 25, 2026 11:29

नीट पेपर लीक मामले में CJP और केंद्र सरकार के बीच दूसरे दौर की वार्ता; छात्रों को मुआवजे और एफआईआर (FIR) वापसी पर बनी सैद्धांतिक सहमति, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी पर फंसा पेंच।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। यह अहम बैठक नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन को लेकर दूसरे दौर की वार्ता के तहत आयोजित की गई थी। इस दौरान पार्टी नेताओं ने सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा सुधार से जुड़ा एक पांच सूत्रीय मसौदा पेश किया।

कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में करीब दो घंटे तक चली इस लंबी बातचीत का तत्काल कोई अंतिम नतीजा नहीं निकल सका। सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की CJP की सबसे बड़ी मांग पर अपना जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।

बैठक समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षाओं में सुधार के लिए पांच सुझाव और तीन मुख्य मांगें उनके समक्ष रखी हैं। नड्डा ने कहा कि उन्होंने नेताओं को भरोसा दिया है कि सरकार के भीतर इन विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा और शनिवार दोपहर फिर से उनसे मुलाकात की जाएगी।

वहीं, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बातचीत का ब्यौरा देते हुए दावा किया कि सरकार ने उनकी तीन में से दो मांगों को सैद्धांतिक तौर पर मान लिया है। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग पर विचार करने के लिए अगले दिन तक की मोहलत मांगी गई है। रांका ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही कड़ा कदम उठाते हुए शिक्षा मंत्री को उनके पद से बर्खास्त करेगी।

इस मसले पर CJP नेता सौरव दास का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रधान के इस्तीफे की मांग पर किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

दास के मुताबिक, जब वह और आशुतोष बातचीत के लिए गए, तब वहां जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद थे और उन्होंने मौखिक तथा लिखित दोनों रूपों में अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी थीं। उनकी पहली और सबसे प्रमुख शर्त यही है कि शिक्षा मंत्री या तो खुद इस्तीफा दें या कैबिनेट उन्हें तुरंत बर्खास्त करे।

अपनी बाकी दो मांगों का जिक्र करते हुए सौरव दास ने बताया कि आत्महत्या करने वाले प्रत्येक नीट अभ्यर्थी के परिवार को 1 करोड़ रुपये का उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर और सभी कानूनी मामले तुरंत वापस लिए जाएं। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से एक लिखित संप्रभु गारंटी भी मांगी है ताकि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी को ऐसी दंडात्मक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

दास ने आगे बताया कि मुआवजे, एफआईआर वापसी और लिखित गारंटी वाली उनकी दूसरी और तीसरी मांग पर सरकार का रवैया काफी सकारात्मक रहा है। सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इन दोनों बातों को स्वीकार कर लिया है और इसी वजह से शनिवार को फिर से एक और निर्णायक बैठक बुलाई गई है।

केंद्र सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और CJP के बीच यह दूसरे दौर की आधिकारिक मुलाकात थी। इससे पहले 20 जुलाई को इसी प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा के आवास पर जाकर नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए एक याचिका सौंपी थी। उस वक्त नड्डा ने बातचीत को सौहार्दपूर्ण बताते हुए प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन खत्म करने और हालात सामान्य बनाने में प्रशासन की मदद करने की खास अपील की थी।

यह पूरी बातचीत का सिलसिला ऐसे समय में आगे बढ़ रहा है, जब हाल ही में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का लंबा अनशन समाप्त किया है। उन्हें केंद्र सरकार की ओर से नीट परीक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने का एक लिखित आश्वासन मिला था, जिसके बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल वापस ले ली थी।

यह भी पढ़ें-

किडनी फेल होने के बावजूद नहीं मानी हार, 4 साल की लंबी कानूनी जंग लड़कर हासिल की SBI में नौकरी

ब्रिटेन की नई सरकार में भारतवंशियों का डंका: बर्नहैम कैबिनेट में 3 नए चेहरे शामिल, स्टार्मर के 2 करीबियों की छुट्टी

Your email address will not be published. Required fields are marked *