अहमदाबाद के शहरकोटड़ा पुलिस स्टेशन के लॉक-अप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस फुटेज में एक कैदी को अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते और किसी तरह की गोली (दवा) खाते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इस बात की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है कि आखिर थाने के अंदर से यह रिकॉर्डिंग कैसे हुई।
स्थानीय पुलिस ने वीडियो में दिख रहे शख्स की पहचान गोमतीपुर के रहने वाले शाहिद अंसारी के रूप में की है। अंसारी का पुराना रिकॉर्ड रहा है और उसे पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया था। वायरल हो रहे इस क्लिप में अंसारी पुलिस हिरासत में रहने के दौरान बेखौफ होकर बाहर से खाना मंगवाने की बात भी कहता हुआ नजर आ रहा है।
इस पूरे मामले पर इंस्पेक्टर वी. एन. चौधरी ने बताया कि यह घटना लगभग एक महीने पुरानी है, जब अंसारी को एहतियाती प्रावधानों के तहत लॉक-अप में रखा गया था। अधिकारी के अनुसार, जिस समय यह वाकया हुआ, उस वक्त लॉक-अप के बाहर एक अन्य व्यक्ति बैठा हुआ था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह दूसरा व्यक्ति गांधीनगर के एक प्रमुख संस्थान का छात्र था। उस छात्र को पुलिस ने तब खोज निकाला था जब उसके माता-पिता ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि अंसारी ने ही उस छात्र से अपनी दवा खाते वक्त वीडियो बनाने का अनुरोध किया था।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह फुटेज लॉक-अप के अंदर मौजूद किसी मोबाइल फोन से नहीं बनाया गया था। इसके बजाय, उस छात्र ने लॉक-अप के बाहर से ही यह वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में किसी तरह इसे अंसारी के साथ साझा कर दिया। बीते मंगलवार को जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तब जाकर पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
फिलहाल विभागीय जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह वीडियो आखिर आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसे इंटरनेट पर किसने अपलोड किया। इसके साथ ही अधिकारी इस बात की भी गंभीरता से जांच कर रहे हैं कि क्या लॉक-अप की सुरक्षा प्रक्रियाओं या निगरानी में कोई बड़ी चूक हुई है।
पुलिस विभाग ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद अगर इस मामले में किसी भी तरह के नियम या प्रक्रिया के उल्लंघन की बात साबित होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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