साइबर अपराधी ठगी के लिए रोज नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला अहमदाबाद के सैटेलाइट इलाके से सामने आया है। यहां एक 89 वर्षीय वरिष्ठ ऑर्थोपेडिस्ट को फेसबुक पर ‘पेंशन कार्ड’ बनवाने का विज्ञापन देखना बहुत भारी पड़ गया। ठगों ने एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर उनके क्रेडिट कार्ड से 2.7 लाख रुपये की चपत लगा दी।
पीड़ित डॉक्टर नवरंगपुरा के एक निजी अस्पताल में आज भी प्रैक्टिस करते हैं। इस पूरी घटना के बाद उन्होंने सैटेलाइट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस का मानना है कि जालसाजों ने उस ऐप के जरिए डॉक्टर के फोन और उनके बैंकिंग मैसेज का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया था।
शिकायत के मुताबिक, 12 जुलाई को डॉक्टर ने फेसबुक पर वह विज्ञापन देखा था और दिलचस्पी दिखाते हुए एक मैसेज भेजा था। इसके दो दिन बाद उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने पेंशनर कार्ड के फायदे गिनाए और उनकी बैंकिंग डिटेल्स मांगी। संदेह होने पर डॉक्टर ने तुरंत कॉल काट दी।
हालांकि, जालसाजों ने हार नहीं मानी। कुछ ही देर बाद उन्होंने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए फिर से संपर्क किया। उन्होंने दोबारा वही ऑफर दिया और पूछताछ के बहाने एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने का लिंक भेजा। ऐप इंस्टॉल करने के बाद डॉक्टर को शक हुआ और उन्होंने बात खत्म कर दी, लेकिन तब तक ठग अपना काम कर चुके थे।
पुलिस ने बताया कि ऐप इंस्टॉल होते ही उनके एक आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक क्रेडिट कार्ड से एक लाख रुपये कट गए। इसके साथ ही उनके मोबाइल पर कई वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आने लगे। इसके बाद 25 जुलाई को उनके दूसरे आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड से 1.7 लाख रुपये और निकाल लिए गए।
जांच के दौरान डॉक्टर को पता चला कि उनके मोबाइल फोन की कॉल किसी दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड कर दी गई थी। इसी कॉल फॉरवर्डिंग तकनीक का इस्तेमाल करके ठगों ने बिना उनकी जानकारी के सारे कॉल्स और ओटीपी हासिल कर लिए और अवैध लेन-देन को अंजाम दिया।
इस भारी धोखाधड़ी का एहसास होते ही पीड़ित ने सबसे पहले नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर मामले की सूचना दी। इसके बाद उन्होंने सैटेलाइट पुलिस का दरवाजा खटखटाया ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध का मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी ठगों तक पहुंचने के लिए आरोपियों के फोन नंबर, डिजिटल पेमेंट ट्रेल और पीड़ित द्वारा डाउनलोड किए गए उस फर्जी मोबाइल ऐप की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
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