comScore गुजरात: 45 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा 1981 की बस डकैती का वांटेड, यूपी से हुआ गिरफ्तार - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

गुजरात: 45 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा 1981 की बस डकैती का वांटेड, यूपी से हुआ गिरफ्तार

| Updated: August 18, 2026 14:27

गुजरात के कर्जन में 1981 में हुई लग्जरी बस डकैती का मुख्य आरोपी हबीब पठान 45 साल बाद यूपी के कासगंज से गिरफ्तार, वडोदरा क्राइम ब्रांच के 'ऑपरेशन पराक्रम' को मिली बड़ी कामयाबी।

“कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।” 1980 के दशक की पुलिस आधारित फिल्मों का यह मशहूर डायलॉग एक 69 वर्षीय बुजुर्ग पर बिल्कुल सटीक साबित हुआ है। राजकोट से मुंबई जा रही एक पैसेंजर बस में डकैती डालने वाला हबीब अहमद अब्दुल शकूर पठान 45 साल तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है।

वडोदरा ग्रामीण पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) ने इस मोस्ट वांटेड आरोपी को उत्तर प्रदेश के कासगंज स्थित उसके पैतृक गांव से धर दबोचा। इसके साथ ही यह गिरफ्तारी गुजरात राज्य के सबसे पुराने लंबित मामलों में से एक बन गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लगभग साढ़े चार दशकों तक अलग-अलग राज्यों और ठिकानों पर अपनी पहचान छिपाकर रहता रहा और अंततः अपने मूल गांव में आकर बस गया था। हबीब पठान की पुलिस को कर्जन पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 224/1981 के सिलसिले में तलाश थी।

इस पुराने मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 395 और 397 के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25(सी) के तहत सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह दुस्साहसिक वारदात 27 जुलाई 1981 को हुई थी।

राजकोट से मुंबई का सफर तय कर रही एक लग्जरी पैसेंजर बस को कर्जन तालुका के लकोदरा गांव के पास रोका गया था। पुलिस की जानकारी के अनुसार, छह सदस्यों वाला यह डकैत गिरोह आम यात्रियों के भेष में बस में सवार हुआ था।

बस के कुछ दूर चलने के बाद ही इन बदमाशों ने अपना असली रंग दिखाया और रिवॉल्वर निकालकर हाईवे के एक मोड़ के पास ड्राइवर को बस रोकने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने यात्रियों और बस कंडक्टर को डरा-धमका कर उनके पास मौजूद नकदी, सोने के आभूषण, घड़ियां और अन्य कीमती सामान लूट लिए।

इस लूटे गए कुल सामान की कीमत 32,795 रुपये आंकी गई थी, जो उस जमाने के हिसाब से एक बेहद बड़ी और अहम रकम मानी जाती थी। इस वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों में से तीन को काफी पहले ही पकड़ा जा चुका था।

पहले गिरफ्तार हो चुके उन तीन आरोपियों के नाम जुल्फिकार चांदमिया पठान, मैसुरअली मकबूल अली शेख और मोहम्मद आबिद नबीआलम पठान हैं। इस बीच एक अन्य आरोपी नबीशराज सुलेमान पठान की मौत हो चुकी है, जबकि गिरोह का एक और सदस्य रईश आलम नासिर आलम पठान अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

मुख्य आरोपी हबीब पठान दशकों तक जांचकर्ताओं की नजरों से बचता रहा। वडोदरा ग्रामीण के एसपी सुशील अग्रवाल ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय अदालत द्वारा जारी धारा 70 का एक वारंट उसके खिलाफ लंबे समय से लंबित था।

एसपी अग्रवाल ने कहा कि 1981 के इतने पुराने मामले में किसी व्यक्ति का सुराग लगाना बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि उस दौर में मोबाइल फोन या आधुनिक डिजिटल रिकॉर्ड नहीं हुआ करते थे। पुलिस टीमों ने तकनीकी मदद और मानवीय सूचनाओं के मजबूत नेटवर्क के आधार पर यह पुख्ता किया कि आरोपी अपने पैतृक स्थान पर ही छिपकर रह रहा है।

इस पूरे अभियान में असली कामयाबी तब मिली जब हेड कांस्टेबल खोडाभाई रानाभाई और हर्षकुमार सनातनभाई ने पठान के सटीक ठिकाने के बारे में खुफिया जानकारी जुटाई। इसके बाद बिना समय गंवाए एलसीबी की एक विशेष टीम उत्तर प्रदेश के लिए रवाना की गई।

पुलिस टीम ने वहां गुप्त रूप से निगरानी रखी और उसकी पहचान व मौजूदगी की पूरी तरह से पुष्टि होने के बाद आरोपी को उसके घर से ही दबोच लिया। यह महत्वपूर्ण गिरफ्तारी लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष रूप से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन पराक्रम’ के तहत की गई है।

गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही और पूछताछ के लिए पठान को कर्जन पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी इस शातिर अपराधी से विस्तार से पूछताछ की जानी बाकी है। ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों का मानना है कि 45 साल तक कानून की पकड़ से दूर रहे इस डकैत की गिरफ्तारी विभाग के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

यह भी पढ़ें-

स्टेट टी20 लीग्स पर BCCI की बड़ी कार्रवाई: सट्टेबाजों, खिलाड़ियों और टीम मालिकों पर कसी नकेल

गुजरात NEET 2026: मेरिट लिस्ट में भारी गिरावट, किसी को नहीं मिले 720 अंक, फिर भी आसमान छू सकता है कट-ऑफ

Your email address will not be published. Required fields are marked *