comScore आपकी रसोई तक पहुंचने वाली हींग में मिलावट? FSSAI ने एवरेस्ट और LG पर लगाया कड़ा प्रतिबंध - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

आपकी रसोई तक पहुंचने वाली हींग में मिलावट? FSSAI ने एवरेस्ट और LG पर लगाया कड़ा प्रतिबंध

| Updated: August 31, 2026 12:23

गुणवत्ता परीक्षण में बुरी तरह फेल होने के बाद FSSAI ने देश की दो सबसे मशहूर मसाला कंपनियों, एवरेस्ट और 134 साल पुरानी LG की हींग पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है।

भारतीय रसोई में स्वाद और सुगंध के लिए इस्तेमाल होने वाली चुटकी भर हींग अब जांच के घेरे में आ गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दो प्रमुख मसाला कंपनियों, एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोधू एंड कंपनी (LG) के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।

इन दोनों कंपनियों के कंपाउंडेड हींग उत्पादों को खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते प्रतिबंधित कर दिया गया है। नियामक संस्था ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई है। इस फैसले ने भारतीय बाजार में चल रही निरंतर खाद्य गुणवत्ता जांच को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

एवरेस्ट का येलो हींग पाउडर. Source: BigBasket

एवरेस्ट के उत्पादों में कंपाउंडेड हींग, येलो हींग पाउडर और ब्लैक हींग पाउडर के नमूने तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। नियमों के अनुसार हींग में अल्कोहल-घुलनशील अर्क (alcohol-soluble extract) की न्यूनतम मात्रा 5 प्रतिशत होनी चाहिए। जांच के दौरान एवरेस्ट का एक नमूना तो पूरी तरह से विफल रहा, जिसमें यह मात्रा शून्य प्रतिशत पाई गई।

वहीं, कंपनी के येलो और ब्लैक हींग पाउडर के नमूनों में अल्कोहल-घुलनशील अर्क क्रमशः केवल 3.29 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत ही दर्ज किया गया। इससे पहले की गई अनुपालन समीक्षाओं में एवरेस्ट के अन्य उत्पादों जैसे चिकन मसाला, गरम मसाला और एग करी पाउडर में भी लेबल-घोषणा से जुड़ी कई खामियां पाई गई थीं।

एलजी कंपाउंडेड हींग पाउडर. Source: BigBasket

यह जानना दिलचस्प है कि ये दोनों ही मशहूर मसाला कंपनियां मुंबई में स्थित हैं और इनका स्वामित्व गुजरातियों के पास है। लालजी गोधू (LG) का इतिहास बेहद पुराना है और यह कंपनी पिछले 134 वर्षों से देश में हींग बेच रही है। शुरुआत के करीब 80 सालों तक लोगों को हींग के सख्त टुकड़ों को घर पर खुद ही कूटना पड़ता था।

साल 1978 में LG ने बाजार में एक बड़ी क्रांति लाते हुए सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) के साथ साझेदारी की और भारत का पहला रेडी-टू-यूज़ पाउडर हींग पेश किया। दूसरी तरफ, एवरेस्ट मसाला की स्थापना साल 1992 में हुई थी और वर्तमान में इसका नेतृत्व संजीव वाडीलाल शाह कर रहे हैं।

बाजार में बिकने वाली मिलावटी या गलत तरीके से तैयार की गई हींग का सीधा असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है। असली हींग जहां पाचन को बेहतर बनाती है, वहीं नकली या गुणवत्ताहीन हींग से पेट दर्द, गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

अक्सर लागत कम करने के लिए इसमें गेहूं या चावल का आटा, कृत्रिम रंग और अन्य हानिकारक चीजें मिला दी जाती हैं। गेहूं के आटे की मिलावट से सीलिएक रोग या ग्लूटेन सेंसिटिविटी वाले लोगों को गंभीर शारीरिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जबकि मिलावटी रंग और रसायनों के कारण पेट की अंदरूनी परत को भी नुकसान पहुंच सकता है।

यह भी पढ़ें-

मैं मलाला हूँ: नफरत, खौफ और फासीवाद के खिलाफ एक निडर हुंकार!

भारत में बेरोजगारी की हकीकत: KBC में रोते हुए पिता ने मांगी बेटे के लिए ‘छोटी सी नौकरी’

Your email address will not be published. Required fields are marked *