अहमदाबाद के दरियापुर स्थित विवादित मनपसंद जिमखाना पर रविवार शाम एक बार फिर पुलिस का डंडा चला है। गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने यहां छापेमारी कर जुआ खेलते हुए 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लाखों रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, वाहन और अन्य कीमती सामान भी जब्त किया है।
यह पूरी कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि इस क्लब परिसर में बड़े पैमाने पर दांव लगाकर जुआ खेला जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए सभी लोगों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और उनके खिलाफ जुआ निवारण अधिनियम (Prevention of Gambling Act) के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
इस रेड की सबसे खास बात यह रही कि गांधीनगर स्थित एसएमसी (SMC) ने इस ऑपरेशन को अंजाम देते हुए स्थानीय पुलिस को पूरी तरह से किनारे रखा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का मानना है कि इस कदम से इलाके की कानून-व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
इस ताजा कार्रवाई ने मनपसंद जिमखाना को एक बार फिर से शक के घेरे में ला दिया है। पुलिस की ओर से पहले भी कई बार सख्त कदम उठाए गए हैं, इसके बावजूद इस प्रतिष्ठान का नाम लगातार जुए के बड़े मामलों में सामने आता रहा है।
अगर पिछले मामलों पर गौर करें तो जुलाई 2021 में भी एसएमसी ने इसी जगह पर छापा मारकर 183 लोगों को गिरफ्तार किया था। वह अहमदाबाद में जुए के खिलाफ हुई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक थी। उस छापे के परिणाम इतने गंभीर थे कि अवैध गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहने के आरोप में दरियापुर पुलिस स्टेशन के लगभग पूरे स्टाफ को या तो निलंबित कर दिया गया था या उनका तबादला कर दिया गया था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उस भारी सख्ती के बावजूद यहां जुए का खेल चोरी-छिपे फिर से शुरू हो गया था। इसके बाद अक्टूबर 2023 में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जिमखाना पर दबिश दी और इसके मालिक समेत 26 अन्य लोगों को धर दबोचा। जांचकर्ताओं ने तब खुलासा किया था कि यहां कौशल आधारित खेलों (skill-based games) की आड़ में जुए का अवैध कारोबार चल रहा था।
रविवार को हुई यह हालिया छापेमारी शहर में जुए के खिलाफ हाल के वर्षों में हुई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में शुमार है। इसके साथ ही अब यह बड़ा सवाल भी फिर से उठने लगा है कि आखिर बार-बार होने वाली पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद यह अड्डा लगातार कैसे संचालित हो रहा था।
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