पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन के अंत के बाद राज्य में चुनाव बाद हिंसा का दौर गंभीर रूप ले चुका है। बुधवार रात स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के कार्यकारी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जाने वाले शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी चंद्रनाथ रथ पर यह जानलेवा हमला रात करीब 10:20 बजे हुआ। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार को रोका और बिल्कुल करीब से उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस वक्त घटी जब रथ बारासात स्थित अपने घर लौट रहे थे। दोहरिया इलाके में एक या दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रोकी। एक हमलावर ने कार की खिड़की के पास आकर उन पर तीन राउंड फायरिंग की। उस वक्त रथ चालक के बगल वाली सीट पर बैठे थे।
इस हमले में उनके ड्राइवर को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिसे इलाज के लिए कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस घटना को एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। उनके मुताबिक, गोली मारने के बाद हत्यारा रथ की मौत सुनिश्चित होने तक वहीं खड़ा रहा।
घायल अवस्था में रथ को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के आपातकालीन विभाग के एक डॉक्टर ने बताया कि उनके पास दो लोगों को लाया गया था, जिनमें से एक की मौत हो चुकी थी और दूसरे को गोली लगी थी। घटना की जानकारी मिलते ही शुभेंदु अधिकारी और रथ की पत्नी तुरंत अस्पताल पहुंचे।
इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें ऐसी ही आशंका थी। उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इतना गिर चुके हैं कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के पीए की हत्या कर दी।
उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष जैसे नेताओं पर हमले हो चुके हैं। भट्टाचार्य ने साफ किया कि रथ की मां भी भाजपा का हिस्सा हैं और पार्टी इस हत्याकांड को लेकर सख्त कानूनी कदम उठाएगी।
दूसरी ओर, टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की। पार्टी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या के साथ-साथ पिछले तीन दिनों में भाजपा समर्थित उपद्रवियों द्वारा तीन अन्य टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या का भी कड़ा विरोध किया।
टीएमसी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच हो, ताकि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह न रहे और दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
स्थानीय पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और सघन तलाशी अभियान के साथ अपनी जांच शुरू कर दी है। चंद्रनाथ रथ का बैकग्राउंड भारतीय वायु सेना से भी जुड़ा रहा था। पूर्व मेदिनीपुर के चंडीपुर के रहने वाले रथ, चंडीपुर पंचायत की सदस्य हासी रथ के बेटे थे।
साल 2018 से ही वे शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे। जब अधिकारी भाजपा में शामिल हुए, तो उन्होंने रथ को अपना निजी सहायक (पीए) बना लिया था। बाद में नेता प्रतिपक्ष बनने पर उन्हें कार्यकारी सहायक की अहम जिम्मेदारी दी गई थी।
चुनाव नतीजे आने के बाद से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से लगातार हिंसा की खबरें आ रही हैं। राज्य के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि 4 मई को परिणाम घोषित होने के बाद से अब तक चुनाव बाद हिंसा, धमकी और मारपीट से जुड़ी 200 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
डीजीपी के मुताबिक, इन मामलों में पुलिस ने अब तक 433 लोगों को गिरफ्तार किया है और एहतियात के तौर पर 1,100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नानूर और न्यू टाउन में चुनाव बाद हिंसा से जुड़ी दो अन्य मौतों की भी सघन जांच चल रही है और इन दोनों हत्याओं में शामिल लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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