नई दिल्ली/वड़ोदरा: भारत में कैब और टैक्सी सर्विस के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। देश भर में पूरी तरह से लॉन्च होने से पहले ही ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) ने एक वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। ड्राइवरों के पूर्ण स्वामित्व वाली दुनिया की पहली राष्ट्रीय राइड-हेलिंग सहकारी समिति (National ride-hailing mobility cooperative) के रूप में पेश की गई यह पहल अब दुनिया का सबसे बड़ा ‘ड्राइवर-ओन्ड मोबिलिटी कलेक्टिव’ बन गई है।
10 दिनों में 51,000 से ज्यादा ड्राइवर जुड़े
‘भारत टैक्सी’ ब्रांड को प्रमोट करने वाली संस्था, सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (Sahakar Taxi Cooperative Limited) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्था ने महज 10 दिनों के भीतर नई दिल्ली और गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र से 51,000 से अधिक ड्राइवरों को अपने नेटवर्क में शामिल (Enroll) कर लिया है।
इस आंकड़े की अहमियत को इस बात से समझा जा सकता है कि इसने न्यूयॉर्क के मशहूर ‘द ड्राइवर्स कोऑपरेटिव’ को भी पीछे छोड़ दिया है। 2020 में लॉन्च हुए न्यूयॉर्क के उस कोऑपरेटिव में लगभग 4,000 सदस्य थे, जबकि भारत टैक्सी ने शुरुआत में ही इससे कई गुना बड़ी संख्या हासिल कर ली है।
दिल्ली में बीटा ट्रायल की शुरुआत
इस मुहीम के लिए मंगलवार का दिन बेहद अहम रहा, क्योंकि दिल्ली में इसके ‘बीटा कंज्यूमर ट्रायल’ की शुरुआत हो गई। अब आम यात्री गूगल प्ले स्टोर पर लाइव हो चुके ‘भारत टैक्सी ऐप’ को डाउनलोड कर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि ड्राइवर रियल-टाइम सर्विस दे रहे हैं। आईओएस (iOS) वर्जन भी जल्द आने की उम्मीद है।
क्या है बीटा ट्रायल?
आसान शब्दों में समझें तो, बीटा ट्रायल के दौरान राइडर्स और ड्राइवर कड़ी निगरानी में ऐप का इस्तेमाल करते हैं। इसका मकसद यह है कि डेवलपर्स किसी भी तकनीकी खामी (Glitches) को पकड़ सकें और फुल-स्केल रिलीज यानी बड़े स्तर पर लॉन्च करने से पहले फीचर्स में जरूरी सुधार कर सकें।
100% कमाई ड्राइवरों की: जीरो कमीशन मॉडल
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के चेयरमैन जयन मेहता ने इस रिस्पॉन्स पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “प्रतिक्रिया जबरदस्त है।”
इस पूरे मॉडल का सबसे बड़ा आकर्षण इसका ‘जीरो-कमीशन स्ट्रक्चर’ है। मौजूदा टैक्सी ऐप्स के विपरीत, इस मॉडल की खासियत यह है कि ग्राहक द्वारा चुकाया गया 100% किराया सीधा ड्राइवर को मिलता है। इसमें बिचौलियों या कंपनी का कोई कमीशन नहीं होता, जो इसे ड्राइवरों के लिए बेहद फायदेमंद बनाता है।
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