दिल्ली के 12वीं कक्षा के छात्र वेदांत श्रीवास्तव ने जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी सीबीएसई फिजिक्स की कॉपी में हुई गड़बड़ी की शिकायत की, तो उन्होंने शायद ही यह सोचा होगा कि एक वरिष्ठ पत्रकार उन पर पाकिस्तानी होने का आरोप लगा देंगे।
23 मई को फिजिक्स के पेपर में उम्मीद से काफी कम अंक मिलने के बाद वेदांत ने सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया था। जब उन्हें कॉपी मिली, तो उन्होंने देखा कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई फिजिक्स की आंसर शीट उनकी नहीं थी। अपनी इस परेशानी को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने एक्स पर एक नया अकाउंट बनाया।
वेदांत की यह शिकायत ऐसे समय में सामने आई है, जब कक्षा 12 के मूल्यांकन के लिए इस साल शुरू किए गए सीबीएसई के ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम’ की काफी आलोचना हो रही है। इस साल पास प्रतिशत गिरकर 85.2% हो गया है, जो 2019 के बाद सबसे कम है। छात्रों ने गलत चेकिंग, धुंधली स्कैनिंग, बिना जांचे गए उत्तर और पेज के अंकों का फाइनल टोटल से मेल न खाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पेमेंट और फॉर्म सबमिशन के दौरान पुनर्मूल्यांकन पोर्टल भी बार-बार क्रैश होता रहा। हालांकि, सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय ने इस सिस्टम का बचाव करते हुए कहा कि इससे निष्पक्षता में सुधार हुआ है। इसके बावजूद, भारी दबाव के बाद पुनर्मूल्यांकन के लिए फीस घटा दी गई और स्कैन की गई कॉपी का शुल्क 700 रुपये से घटाकर 100 रुपये प्रति विषय कर दिया गया।

एक्स पर वेदांत की शिकायत देखने के बाद, दूरदर्शन न्यूज़ के एंकर और प्राइमटाइम प्रोग्राम ‘दो टूक’ का चेहरा अशोक श्रीवास्तव ने उनके हैंडल का रीजन (क्षेत्र) चेक किया। वहां “साउथ एशिया” लिखा था। इसी आधार पर श्रीवास्तव ने यह निष्कर्ष निकाला कि यह अकाउंट किसी पाकिस्तानी यूजर का है। उन्होंने तंज कसते हुए हिंदी में लिखा, “क्या पाकिस्तानियों ने भी सीबीएसई की परीक्षा दी थी?!!”

इस दावे को जल्द ही सोशल मीडिया पर हवा मिल गई। @MrSinha_, @HPhobiaWatch और अन्य कई दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर्स ने भी इसी बात को दोहराते हुए मामले को तूल दे दिया।
हालांकि, जब अशोक श्रीवास्तव को यह पता चला कि वेदांत वास्तव में एक छात्र है, तो उन्हें अपनी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी। एक स्पष्टीकरण पोस्ट में उन्होंने वेदांत और उनके परिवार से अपनी गलती के लिए माफी मांगी। लेकिन, उसी पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि उनके ट्वीट की लोकेशन भारत के बाहर की क्यों दिख रही है, यह अभी भी अज्ञात है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अकाउंट की लोकेशन के बारे में सही जानकारी मिलने पर मामला और भी साफ हो जाएगा।
इन आरोपों के बाद वेदांत और उनके भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर आकर स्थिति स्पष्ट की। निराशा जताते हुए सिद्धांत ने बताया कि वेदांत ने हाल ही में एक्स हैंडल बनाया है, क्योंकि वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहा था और उसे अपनी समस्या वहां उठानी थी।
सिद्धांत का दावा था कि किसी भी नए अकाउंट के लिए, देश का सटीक पता लगाने में एक्स को एक से तीन दिन का समय लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सटीक लोकेशन अपडेट नहीं होती, तब तक प्लेटफॉर्म एक बड़ा क्षेत्र दिखाता है।
अपनी बात को और मजबूती से रखने के लिए वेदांत ने एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस वीडियो में उन्होंने दिखाया कि वह अपने हैंडल की लोकेशन को “साउथ एशिया” से बदलने में किस तरह असमर्थ थे।
मार्किंग से जुड़े इस विवाद पर बात करने के लिए न्यूज़ चैनल ‘आज तक’ की टीम भी वेदांत के घर उनका इंटरव्यू लेने पहुंची।
अंततः, 25 मई को वेदांत ने एक्स पर जानकारी दी कि सीबीएसई अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया है और उन्हें उनकी सही आंसर शीट भेज दी गई है। इस पूरे विवाद में समर्थन करने वालों को धन्यवाद देते हुए वेदांत ने लिखा कि लोगों ने उन्हें केवल इसलिए राष्ट्रविरोधी और पाकिस्तानी कहा क्योंकि उन्होंने एक वास्तविक चिंता जाहिर की थी, लेकिन अंत में सत्य की ही जीत हुई है।
इस समाधान के बाद अशोक श्रीवास्तव ने भी अपनी एक शुरुआती पोस्ट के नीचे वेदांत से औपचारिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “प्रिय वेदांत, मुझे विनीत जी से पता चला कि आपकी समस्या का समाधान हो गया है। यह सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई। भविष्य के लिए आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। और मेरे कारण आपको और आपके परिवार को जो भी कष्ट हुआ, उसके लिए मैं हृदय से क्षमा मांगता हूं।”
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