नई दिल्ली: अमेरिका के जन्मसिद्ध नागरिकता कानूनों में बदलाव की मांग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया था, जिसमें भारत और चीन को ‘नरक’ (हेल-होल) कहा गया था। अब इस मुद्दे पर ईरान ने ट्रंप पर करारा तंज कसा है।
मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत का एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी नेता को ‘सांस्कृतिक डिटॉक्स’ (cultural detox) के लिए यहां की यात्रा करनी चाहिए।
ईरानी दूतावास ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शायद किसी को मिस्टर ट्रंप के लिए वन-वे कल्चरल डिटॉक्स बुक कर देना चाहिए, इससे शायद उनकी ‘रैंडम बकवास’ कम हो जाए। पोस्ट के अंत में यह भी लिखा गया, “कभी इंडिया आ के देखो, फिर बोलना।”
‘हेल-होल’ विवाद की शुरुआत
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने अमेरिकी राजनीतिक टिप्पणीकार और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के एक पॉडकास्ट को रीपोस्ट किया। इस पॉडकास्ट में सैवेज ने भारत, चीन और कुछ अन्य देशों को ‘नरक’ करार दिया था।
अमेरिका के जन्मसिद्ध नागरिकता कानून का विरोध करते हुए सैवेज ने अपनी नस्लभेदी टिप्पणी में आरोप लगाया कि इन दोनों एशियाई देशों के लोग नौवें महीने में बच्चा पैदा करने के लिए अमेरिका आते हैं, ताकि कानून की मदद से उन्हें ‘तुरंत’ अमेरिकी नागरिकता मिल सके।
रूढ़िवादी नेता ने भारतीय और चीनी प्रवासियों को ‘लैपटॉप वाले गैंगस्टर’ (gangsters with laptops) बताया और कहा कि उन्होंने अमेरिका के झंडे को रौंदा है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस पॉडकास्ट को साझा करने को सैवेज की अपमानजनक टिप्पणियों के सीधे समर्थन के तौर पर देखा गया।
भारत की सख्त प्रतिक्रिया
भारत ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुए इन टिप्पणियों को अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और बेस्वाद बताया। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप का नाम लिए बिना स्पष्ट किया कि यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को बिल्कुल नहीं दर्शाता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के रिश्ते हमेशा से आपसी सम्मान और साझा हितों पर टिके हुए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय ने इन टिप्पणियों और इसके बाद अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किए गए स्पष्टीकरण दोनों पर संज्ञान लिया है।
अमेरिका ने किया डैमेज कंट्रोल
विवाद को बढ़ता देख अमेरिकी दूतावास ने तुरंत डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ट्रंप भारत को एक ‘महान’ देश मानते हैं, जिसका नेतृत्व शीर्ष पर बैठे उनके एक ‘अच्छे दोस्त’ कर रहे हैं।
नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्स ने स्पष्ट किया कि रिपब्लिकन नेता ने भारत के बारे में बेहद गर्मजोशी से बात की है। एल्स ने यह भी बताया कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत और गहरे संबंधों का विशेष रूप से जिक्र किया है।
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