अहमदाबाद: अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक स्थानीय निवासी को अपना शिकार बनाने के मामले में एक गुजराती युवक को धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। लानो काउंटी (Llano County) शेरिफ कार्यालय के अनुसार, आरोपी ध्येय राकेशकुमार पटेल को टेक्सास अटॉर्नी जनरल कार्यालय के साथ एक संयुक्त अभियान के बाद 8 अप्रैल को हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा मामला तब सामने आया जब लानो काउंटी के एक निवासी को फेडरल एजेंट होने का नाटक कर रहे कुछ जालसाजों ने अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने पीड़ित को अपनी बातों में फंसाकर धोखाधड़ी के तहत लगभग 25,000 डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर करवा ली।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस ठगी के बाद आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। उन्होंने पीड़ित से लगभग 335,000 डॉलर का सोना खरीदने को कहा। उनकी योजना यह थी कि इस सोने की डिलीवरी सीधे पीड़ित के घर से ही रिसीव की जाएगी।
हालांकि, पुलिस को खुफिया सूत्रों से इस पूरी साजिश की भनक लग गई। कड़ी निगरानी के आधार पर, अधिकारियों ने सोने की डिलीवरी होने से पहले ही ध्येय पटेल को बीच में ही रोक लिया। उसे बिना किसी हंगामे के शांतिपूर्ण तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में लानो काउंटी जेल भेज दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच से यह संकेत मिलता है कि ध्येय पटेल अतीत में भी इस तरह के लेनदेन में शामिल रहा है। इससे किसी बड़े नेटवर्क या धोखाधड़ी के एक संगठित गिरोह के शामिल होने का अंदेशा पैदा होता है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने फिलहाल अन्य संभावित पीड़ितों या साथियों के बारे में किसी तरह की जानकारी साझा नहीं की है।
ध्येय पटेल पर कई गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। टेक्सास के कानून के अनुसार, उस पर 300,000 डॉलर या उससे अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है, जिसे सेकेंड-डिग्री फेलनी (गंभीर अपराध) की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, उस पर 2,500 डॉलर से 30,000 डॉलर के बीच की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए स्टेट जेल फेलनी का भी मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना के सामने आने के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने जनता को आगाह किया है। पुलिस ने कहा है कि सरकारी अधिकारी बनकर ठगी करने वाले स्कैमर्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे जालसाज अक्सर क्रिप्टोकरेंसी, गिफ्ट कार्ड या सोने जैसी कीमती संपत्तियों के जरिए भुगतान की मांग करते हैं, जिससे ठगे गए पैसों की रिकवरी काफी मुश्किल हो जाती है।
प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी संदिग्ध दावे की पूरी तरह से पुष्टि जरूर करें, विशेषकर तब जब मामला तत्काल वित्तीय लेनदेन से जुड़ा हो। किसी भी प्रकार का संदेह होने पर ऐसे मामलों की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए।
फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की जांच में इस ठगी से जुड़े अन्य ऑपरेशनों और तारों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
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