भारतीय शेयर बाजार में गुजरात की मजबूत पकड़ लगातार कायम है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सक्रिय निवेशकों और ट्रेडिंग टर्नओवर दोनों ही मामलों में यह राज्य पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। बाजार में चल रहे भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद यहां के लोगों का निवेश के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है।
एनएसई की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान गुजरात के लगभग 46.1 लाख निवेशकों ने कम से कम एक बार ट्रेडिंग जरूर की। यह आंकड़ा देश के कुल सक्रिय व्यक्तिगत निवेशकों का 12.5 प्रतिशत है।
इन निवेशकों ने मिलकर 18.5 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कैश मार्केट टर्नओवर दर्ज किया है। राज्य में कुल 1.10 करोड़ पंजीकृत निवेशक हैं, जिनमें से करीब 42 प्रतिशत ने इस वित्तीय वर्ष में बाजार में हिस्सा लिया।
इक्विटी कैश सेगमेंट के टर्नओवर के मामले में महाराष्ट्र और गुजरात सबसे आगे बने हुए हैं। जहां महाराष्ट्र ने 33 लाख करोड़ रुपये (19 फीसदी हिस्सेदारी) के साथ पहला स्थान हासिल किया, वहीं गुजरात 18.5 लाख करोड़ रुपये (10.6 फीसदी हिस्सेदारी) के साथ दूसरे नंबर पर रहा।
इसके अलावा देश के कुल टर्नओवर का आधे से ज्यादा हिस्सा शीर्ष पांच राज्यों—महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और दिल्ली—से आता है।
सक्रिय निवेशकों की बात करें तो 16.6 फीसदी हिस्सेदारी के साथ महाराष्ट्र पहले और 12.5 फीसदी के साथ गुजरात दूसरे पायदान पर है। अहमदाबाद के एक शेयर ब्रोकर नीरव चंडी इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय यहां की संस्कृति को देते हैं।
उनके अनुसार, गुजरात के लोगों की वित्तीय रगों में ट्रेडिंग बसी है, इसलिए बाजार की अस्थिरता के बीच भी वे बेहद सक्रिय रहे। यहां के कई खुदरा निवेशक बाजार में आने वाली गिरावट को घबराहट में बाहर निकलने का नहीं, बल्कि खरीदारी का एक शानदार मौका मानते हैं।
जिलों के आधार पर देखा जाए तो मुंबई उपनगर के बाद अहमदाबाद ने पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान अहमदाबाद शहर के 10.4 लाख निवेशकों ने कम से कम एक बार ट्रेड किया, जो राष्ट्रीय स्तर पर कुल सक्रिय निवेशकों का 2.8 प्रतिशत है। वहीं, मुंबई उपनगर 12 लाख निवेशकों और 3.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले नंबर पर रहा।
रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि निवेशकों की सबसे ज्यादा सक्रियता कुछ चुनिंदा जगहों पर केंद्रित है। देश के शीर्ष 10 जिलों में मिलाकर कुल 71.4 लाख सक्रिय निवेशक रहे। यह संख्या उन कुल निवेशकों का 19.4 प्रतिशत है, जिन्होंने पूरे वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार शेयर बाजार में अपना पैसा लगाया।
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