GUJCTOC संशोधन बिल पारित: पिछले साल 740 से अधिक गिरफ्तारियां, 6,500 करोड़ रुपये की दवाएं भी जब्त

| Updated: September 22, 2022 4:53 pm

गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण संशोधन बिल (Gujarat Control of Terrorism and Organised Crime – GUJCTOC)विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया। इस मौके पर गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने विधानसभा को बताया कि पिछले साल पुलिस ने 740 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया और 6,500 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किए। मंत्री ने यह तब भी कहा जब उन्होंने नोट किया कि गुजरात आतंकवाद और संगठित अपराध नियंत्रण (GUJCTOC) बिल के तहत नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों को शामिल करने के लिए और चर्चा की आवश्यकता है।

बुधवार को दो दिवसीय विधानसभा सत्र के पहले दिन संशोधित GUJCTOC  बिल को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस कानून के तहत जुए को अपराध के रूप में छोड़ दिया गया है। गुजरात आतंकवाद नियंत्रण और संगठित अपराध अधिनियम (Gujarat Control of Terrorism and Organised Crime Act) 2015 की कुछ धाराओं से दो शब्द- “आतंकवादी काम (terrorist act)” और “जुआ (gambling)” को हटा दिया गया है। दरअसल धारा 2 (एच) के तहत आतंकवादी काम को परिभाषित किया गया है। ऐसे में धारा 2 (ई) में यह दोहराव होता। इसलिए, हम 2(ई) से “आतंकवादी काम” शब्द को हटा रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट करते हुए कहा, “हम आतंकवाद (कानून में निहित) के खिलाफ किसी कार्रवाई को नहीं हटा रहे हैं। ” उनके मुताबिक, ये संशोधन कानून में कुछ ऐसी ही विसंगतियों को ठीक करने के लिए किए गए हैं। सरकार ने कहा कि वह गुजरात में आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई और तेज करेगी।

सांघवी का बयान तब आया जब कांग्रेस विधायकों ने कानून के दायरे में नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों, जबरन वसूली, भूमि हथियाने, ठेके पर हत्या, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध और वेश्यावृत्ति के लिए मानव तस्करी को जोड़ने का प्रस्ताव रखा। सांघवी ने कहा, “हम पूरी तरह से चर्चा करेंगे कि क्या ड्रग्स को इस कानून में शामिल करने की आवश्यकता है, लेकिन पिछले एक साल में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से कोई भी हिरासत से बाहर नहीं हो पाया है।” न केवल राज्य में बल्कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कोलकाता में भी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझे प्रयासों पर काम किया गया।

अहमदाबाद में नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता की बात करते हुए कांग्रेस विधायक वीरजी थुम्मर ने मंत्री से रविवार को सिंधु भवन रोड (अहमदाबाद शहर में) का दौरा करने का आग्रह किया। कांग्रेस विधायक गयासुद्दीन शेख ने कहा कि पान की दुकानों और पान मसाला पाउच में आसानी से ड्रग्स उपलब्ध हैं। विधायक बलदेव ठाकोर ने कुछ स्पा और ब्यूटी पार्लरों में कथित अवैध गतिविधियों की ओर इशारा किया।

बिल में कहा गया है कि यदि विशेष न्यायालय द्वारा यह देखा जाता है कि वह इस अधिनियम के तहत अपराध की तिथि पर जमानत पर था, तो आरोपी को जमानत नहीं दी जाएगी।

साथ ही, “यदि कोई व्यक्ति किसी संगठित आपराधिक सिंडिकेट के सदस्य की ओर से, या कानून लागू होने के बाद किसी भी समय चल या अचल संपत्ति को कब्जे में लिए हुए है, जिसका वह संतोषजनक रूप से हिसाब नहीं दे सकता है, तो वह सजा लायक (If any person on behalf of a member of an organised crime syndicate is, or at any time after the commencement of the Act, has been in possession of movable or immovable property which he cannot satisfactorily account for, shall be punishable ) होगा। जेल की सजा की अवधि तीन साल से लेकर 10 साल तक की होगी। साथ ही उसे कम से कम एक लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा। ऐसी संपत्ति की कुर्की और जब्ती भी (such property shall also be liable for attachment and forfeiture ) होगी। ”

संघवी ने कहा कि GUJCTOC के सख्त कार्यान्वयन से अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, पाटन और सौराष्ट्र में गिरोहों को बेअसर करने में मदद मिली है। मंत्री ने उन गिरोहों के नाम बताए जिन्हें GUJCTOC के तहत निपटाया गया। इनमें पाटन का ज़िलिया गिरोह, सौराष्ट्र का विचिया गिरोह, सूरत का आसिफ टमाटर और साजिद कोठारी गिरोह, अहमदाबाद का नज़ीर वोरा गिरोह और वडोदरा का असलम बोदिया गिरोह शामिल है। मंत्री ने कहा कि पाटन के ज़िलिया गिरोह से हथियार और जमीन के दस्तावेजों की प्रतियां बरामद की गईं, जबकि साजिद कोठारी गिरोह ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्माण किया था, जिसे गिरा दिया गया।

Also Read: उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने वाला विधेयक सर्वसम्मति से पारित

Your email address will not be published.