इस सप्ताह होने वाली एक अहम बैठक में भारत सरकार के अधिकारी मेटा के शीर्ष अधिकारियों के साथ सख्त लहजे में चर्चा करने वाले हैं। इस उच्च स्तरीय संवाद का मुख्य एजेंडा बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) की मौजूदगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाए गए कंटेंट का बढ़ता प्रसार होगा। इसके साथ ही जानी-मानी हस्तियों के पोस्ट हटाए जाने के मामलों और नियमों के अनुपालन पर भी कड़े सवाल किए जाएंगे।
स्थानीय कानूनों का सही तरीके से पालन और मेटा की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों की प्रभावशीलता इस चर्चा के केंद्र में रहने वाली है। विशेष रूप से सिंथेटिक या कृत्रिम रूप से तैयार किए गए कंटेंट की निगरानी को लेकर सरकार अपनी चिंताएं स्पष्ट करेगी। इस दौरान कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा देना होगा।
सरकार के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसी प्रमुख हस्तियों के सोशल मीडिया पोस्ट को हटाए जाने से जुड़े सुरक्षा उपाय भी हैं। जब मेटा के वरिष्ठ अधिकारी इसी सप्ताह नई दिल्ली में सरकारी महकमे से मिलेंगे, तो उन्हें इन सभी चुभते सवालों का संतोषजनक जवाब देना होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि मेटा की सार्वजनिक नीति के प्रमुख जोएल कपलान सहित कंपनी के अन्य बड़े अधिकारियों की बुधवार और गुरुवार को सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात संभावित है। इन दो दिनों में भारतीय कानूनों के प्रति कंपनी की जवाबदेही, कंटेंट के नियमन और एआई द्वारा पैदा की जा रही नई चुनौतियों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा।
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सोशल मीडिया की ये दिग्गज कंपनियां हर हाल में कानूनी दायरों का सख्ती से पालन करें। सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि इस विषय से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं जिन पर अनुपालन सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता है। सरकार यह जानने की बेहद इच्छुक है कि मेटा अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को रोकने के लिए धरातल पर क्या उपाय कर रहा है।
इसके अलावा अधिकारियों द्वारा यह भी पूछा जाएगा कि सिंथेटिक रूप से तैयार किए गए कंटेंट पर नजर रखने के लिए उनकी मौजूदा तकनीकी व्यवस्था कितनी कारगर है। सचिव ने कहा कि बाल यौन शोषण का संवेदनशील मुद्दा उठाया जा चुका है और इस पर की गई कार्रवाइयों की सटीक जानकारी मांगी गई है। सिंथेटिक कंटेंट की मॉडरेशन प्रक्रिया को गहराई से समझना भी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रमुख हस्तियों के सत्यापित (वेरिफाइड) अकाउंट से किए गए पोस्ट को अनुचित तरीके से हटाए जाने को लेकर भी कृष्णन ने चिंता व्यक्त की। उनका साफ तौर पर मानना है कि ऐसी किसी भी कार्रवाई के पीछे बेहद मजबूत सुरक्षा उपाय और पुख्ता कारण होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही और गलतियों की कोई गुंजाइश न रहे।
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