अहमदाबाद: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सोमालिया जा रहे एक भारतीय मालवाहक जहाज पर ओमान के तट के पास एक अज्ञात हवाई हथियार से हमला किया गया है। 29 अक्टूबर को हुए इस भीषण हमले के बाद जहाज में आग लग गई और वह पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, इस घटना से गुजरात के रहने वाले जहाज के मालिक और चालक दल को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कच्छ के मांडवी स्थित मोटा सलाया के रहने वाले कासम जाफराबादी ने शनिवार को केंद्रीय विदेश मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने इस रहस्यमयी हमले की गहन जांच और नष्ट हुए जहाज एमएसवी क्यूबा (MSV QUBA – MNV 2183) के नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग उठाई है।
इस ज्ञापन में बताया गया है कि यह जहाज अब्दुल मतीन मकलई का था और इसके कप्तान अब्दुल माजिद तरमामद करानी थे। यह जहाज यूएई के शिनदागाह अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह से सोमालिया के बोसासो बंदरगाह के लिए सामान्य माल लेकर जा रहा था।
जहाज ने 28 अक्टूबर को यूएई के समयानुसार सुबह 9.08 बजे अपनी यात्रा शुरू की थी। इसके अगले दिन यानी 29 अक्टूबर को तड़के करीब 4.30 बजे (यूएई के समय के अनुसार) ओमान के तट के पास इस पर यह कथित हवाई हमला हुआ।
हमले के तुरंत बाद जहाज में भयंकर आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे जहाज को अपनी चपेट में ले लिया और उसे नष्ट कर दिया। जहाज के मालिक और कप्तान के रिश्तेदार जाफराबादी ने बताया कि स्थानीय मछुआरों की तत्परता से सभी 13 क्रू मेंबर्स की जान बचा ली गई।
मछुआरों की इस मदद के लिए आभार व्यक्त करते हुए, ज्ञापन में इस घटना से उपजे भारी आर्थिक संकट की ओर भी ध्यान खींचा गया है। जहाज के तबाह होने से इसके मालिक, कप्तान, चालक दल और इसके वाणिज्यिक संचालन पर निर्भर कई परिवारों की आजीविका सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।
प्रभावित परिवार ने विदेश मंत्रालय से दखल देने की अपील की है। उन्होंने ओमान सरकार और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा, हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार और इसके पीछे छिपे संगठनों या व्यक्तियों की पहचान करने पर भी जोर दिया गया है।
ज्ञापन में भारतीय समुद्री हितों की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक कदम उठाने का आग्रह किया गया है। साथ ही, दोषियों, संबंधित देशों और बीमा कंपनियों से वित्तीय नुकसान का मूल्यांकन कर उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की गई है।
परिवार ने जांच की जानकारी साझा करने के साथ-साथ सभी 13 क्रू मेंबर्स और उनके परिवारों के लिए आर्थिक एवं पुनर्वास सहायता की गुहार लगाई है। इस बीच, मांडवी-कच्छ के विधायक अनिरुद्ध दवे ने भी मोटा सलाया पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनकी बात मजबूती से रखी जाएगी।
पीड़ित परिवार ने केंद्र सरकार से इस मामले में कानूनी जिम्मेदारी तय करने और जांच को सिर्फ शुरुआती निष्कर्षों तक सीमित न रखने की अपील की है। ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया है कि यह घटना केवल एक आर्थिक झटका नहीं है, बल्कि एक वैध अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर निकले भारतीय झंडे वाले जहाज और उस पर सवार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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