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कर्नाटक: शपथ के महज 2 दिन बाद ही मंत्री रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा, सीएम डीके शिवकुमार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

| Updated: June 5, 2026 14:49

राहुल गांधी के दौरे के बीच कर्नाटक कांग्रेस में बगावत के सुर, मनचाहा 'बेंगलुरु विकास' विभाग न मिलने पर वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी ने छोड़ी कुर्सी।

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के कैबिनेट मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी ने शपथ लेने के महज दो दिन बाद ही शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कड़े कदम के पीछे विभागों के बंटवारे को लेकर गहरी नाराजगी बताई जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि उनका यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद शहर में मौजूद हैं।

रेड्डी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर सीधे तौर पर अपना वादा तोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि साल 2023 में उन्हें ‘बेंगलुरु विकास’ विभाग सौंपने का पक्का भरोसा दिया गया था। उस समय यह आपसी सहमति बनी थी कि ढाई साल बाद जब शिवकुमार मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे, तो यह अहम विभाग उन्हें ही मिलेगा। लेकिन अब सीएम अपने पुराने वादे से पूरी तरह मुकर गए हैं।

अपने दर्द को बयां करते हुए इस दिग्गज नेता ने कहा कि उन्हें बार-बार अपमानित किया गया है और अब वह इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह अपनी अंतरात्मा के खिलाफ जाकर कोई काम नहीं कर सकते। रेड्डी ने स्पष्ट किया कि मंत्री पद छोड़ने के बावजूद वह कांग्रेस के विधायक बने रहेंगे और अपनी पुरानी पार्टी का साथ किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे।

रेड्डी ने याद दिलाया कि उनका कांग्रेस के साथ 53 सालों का बहुत पुराना और गहरा नाता है। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वह पार्टी से नाराज नहीं हैं, बल्कि उनके भीतर केवल निराशा है। इसी निराशा के चलते उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से सौंपने के बजाय अपने निजी सचिव के जरिए सीएम कार्यालय भिजवाना बेहतर समझा।

रामलिंगा रेड्डी का यह इस्तीफा कर्नाटक कैबिनेट के भीतर विभागों के आवंटन को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच सामने आया है। इस बार के कैबिनेट में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने पास वित्त और डीआईपीआर विभाग रखे हैं। वहीं, जी परमेश्वर को राजस्व और युवा सेवा, तथा प्रियांक खरगे को गृह के साथ-साथ आईटी/बीटी की अहम जिम्मेदारी दी गई है।

अन्य प्रमुख नेताओं की बात करें तो सतीश जारकीहोली लोक निर्माण विभाग (PWD) संभालेंगे। इसके अलावा एमबी पाटिल को वृहद एवं मध्यम उद्योग और शरण प्रकाश पाटिल को चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा गया है। वरिष्ठ नेता केएच मुनियप्पा अब खाद्य और नागरिक आपूर्ति का जिम्मा देखेंगे। इसी तरह, यतींद्र को शहरी विकास और पिछड़ा वर्ग तथा ईश्वर खंडरे को आरडीपीआर विभाग मिला है।

कैबिनेट के अन्य चेहरों में यूटी खादर को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, केजे जॉर्ज को ऊर्जा और बैरती सुरेश को परिवहन विभाग की कमान मिली है। जिस ‘बेंगलुरु विकास’ विभाग की चाहत रामलिंगा रेड्डी को थी, वह कृष्णा बायरे गौड़ा को दे दिया गया। इसके बदले में रेड्डी को जल संसाधन विभाग दिया गया था, जिसे अस्वीकार करते हुए उन्होंने अपने मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया।

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