पढ़ाई का खर्च और परिवार की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर एक 20 वर्षीय बायोलॉजी की छात्रा ने अपराध का रास्ता चुन लिया। मध्य प्रदेश की रहने वाली इस छात्रा को गुजरात के गांधीनगर में 53.9 लाख रुपये के गहने चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद पथिकाश्रम बस स्टैंड से अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश भागने की फिराक में थी, लेकिन पुलिस ने उसे समय रहते दबोच लिया।
गांधीनगर क्राइम ब्रांच ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। पुलिस ने छात्रा के पास से चोरी किया गया पूरा माल भी सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले की जांच पीआई के जे राठौड़ के नेतृत्व में की गई। उनकी टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सर्विलांस का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए आरोपी छात्रा को धर दबोचा।
यह चोरी गांधीनगर के सेक्टर 4 में रहने वाले एक डॉक्टर दंपति के सूने घर में हुई थी। वारदात को 18 जुलाई की दोपहर से 19 जुलाई की सुबह के बीच अंजाम दिया गया। जब डॉक्टर परिवार घर वापस लौटा, तो उन्होंने देखा कि अलमारियों का सारा सामान बिखरा पड़ा है। जांच करने पर पता चला कि घर से 563 ग्राम वजन के सोने और चांदी के आभूषण गायब हैं। इसके तुरंत बाद सेक्टर 7 पुलिस स्टेशन में चोरी का मामला दर्ज कराया गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। फुटेज में एक संदिग्ध महिला घटना से पहले और घटना के दौरान लगातार घर के आसपास घूमती हुई नजर आई। इसके बाद पुलिस ने महिला की तस्वीर जारी की और इलाके के सभी पेइंग गेस्ट (पीजी) और हॉस्टल में पूछताछ शुरू की। इसी खोजबीन के दौरान पुलिस को उसकी लोकेशन पथिकाश्रम बस स्टैंड पर मिल गई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छात्रा को बस स्टैंड पर ही रोक लिया। उस वक्त उसके पास एक बैग था, जिसमें चोरी किए गए सभी गहने मौजूद थे। पूछताछ के दौरान छात्रा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह छात्रा मध्य प्रदेश से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए गांधीनगर आई थी और एक महिला पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन में रह रही थी।
पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह भारी आर्थिक तंगी से गुजर रही थी। उसने एजुकेशन लोन की किस्त चुकाने के लिए अपनी एक सोने की अंगूठी तक गिरवी रख दी थी, लेकिन फिर भी वह मासिक भुगतान नहीं कर पा रही थी। गांधीनगर में वह जो प्राइवेट नौकरी कर रही थी, उसकी कमाई भी नाकाफी थी। इसी आर्थिक दबाव और परिवार की मदद करने की मजबूरी में उसने चोरी करने का यह बड़ा कदम उठाया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, छात्रा ने इस पूरी वारदात की योजना बेहद शातिर तरीके से बनाई थी। वह अपनी क्लास जाने के रास्ते में रोज डॉक्टर दंपति के घर के पास से गुजरती थी और उनकी दिनचर्या पर बारीकी से नजर रखती थी। चोरी वाली रात वह घर के पीछे बने शेड पर चढ़ गई और रात भर वहीं छिपी रही क्योंकि घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा था।
अगली सुबह जब डॉक्टर दंपति थोड़ी देर के लिए घर वापस आए और फिर अपने काम पर निकल गए, तब उसे सही मौका मिल गया। वह घर में दाखिल हुई, अलमारी से लाखों के गहने चुराए और मुख्य दरवाजे से आसानी से फरार हो गई। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया और अब वह सलाखों के पीछे है।
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