बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में सत्ता परिवर्तन को लेकर सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। सूत्रों की मानें तो डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता अब साफ होता दिख रहा है। सिद्धारमैया की जगह लेने की उनकी इस मुहिम को प्रियंका गांधी वाड्रा के दखल के बाद जबरदस्त रफ्तार मिली है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में शिवकुमार ने कई बार दिल्ली के चक्कर काटे थे। हालांकि, मुख्यमंत्री पद के कथित आधे कार्यकाल वाले समझौते को लेकर उन्हें राहुल गांधी से सीधे बातचीत करने का मौका नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद राज्य के उप-मुख्यमंत्री शिवकुमार ने प्रियंका गांधी से संपर्क साधा। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका ने ही राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को शिवकुमार के दावे पर विचार करने के लिए राजी किया है।
इस राजनीतिक हलचल के बीच वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष आरवी देशपांडे ने एक अहम जानकारी दी है। उनके मुताबिक सिद्धारमैया पहले ही अपने साथियों को अपने फैसले से अवगत करा चुके हैं। हालांकि, राज्य के कई मंत्रियों और विधायकों ने उनसे इस्तीफा न देने की जोरदार अपील भी की है।
सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने 77 वर्षीय सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने और पार्टी में एक बड़ी राष्ट्रीय भूमिका देने की पेशकश की है। लेकिन सिद्धारमैया फिलहाल दिल्ली की राजनीति में जाने के बहुत इच्छुक नहीं दिख रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून है, इसलिए कांग्रेस आलाकमान उन्हें मनाने की कोशिशें लगातार जारी रखेगा।
जानकारी के मुताबिक, अपना इस्तीफा सौंपने से पहले सिद्धारमैया एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे। बुधवार को दिल्ली से बेंगलुरु लौटे शिवकुमार एक महत्वपूर्ण ब्रेकफास्ट मीटिंग का हिस्सा बनेंगे। दिल्ली में हुई मैराथन बैठकों के बाद ही राज्य में सत्ता हस्तांतरण की इस योजना ने इतनी तेजी पकड़ी है।
इन तमाम सियासी घटनाक्रमों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने फिलहाल सवालों से दूरी बनाए रखी। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के अवसर पर विधान सौधा में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद सिद्धारमैया ने पत्रकारों से बस इतना कहा कि “मैं कल सब कुछ बताऊंगा।”
वहीं, राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर और लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली का कहना है कि आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही इस पूरे मामले पर तस्वीर साफ हो पाएगी।
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