मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) के पेपर लीक और उसके बाद परीक्षा रद्द होने के कारण एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली एक होनहार छात्रा ने भारी अवसाद में आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है।
मृतका की पहचान आकांक्षा चतुर्वेदी के रूप में हुई है। आत्महत्या से पहले छोड़े गए अपने सुसाइड नोट में उसने जो बातें लिखी हैं, वे किसी की भी आंखें नम कर देंगी। छात्रा ने अपने खत में भावुक होते हुए लिखा है कि अब उसमें दोबारा इस कठिन परीक्षा में बैठने का साहस बिल्कुल नहीं बचा है।
गौरतलब है कि आकांक्षा उन लाखों छात्रों में शामिल थी, जिन्होंने 3 मई को नीट-यूजी की परीक्षा दी थी। हालांकि, पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को यह परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके साथ ही 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने का ऐलान किया गया था।
परिवार वालों के मुताबिक, आकांक्षा ने इस प्रवेश परीक्षा के लिए दिन-रात एक कर दिया था। उसे अपनी मेहनत पर इतना भरोसा था कि वह इस बार करीब 650 अंक हासिल करने की उम्मीद कर रही थी।
परिजनों का कहना है कि परीक्षा को लेकर उठे विवाद और उसके रद्द होने की खबर ने आकांक्षा को बुरी तरह तोड़ दिया था। अपनी मौत से कई हफ्ते पहले ही वह भारी मानसिक तनाव और गहरे सदमे से गुजर रही थी। दोबारा परीक्षा को लेकर छाई अनिश्चितता ने उसकी मानसिक स्थिति को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया था।
बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए आकांक्षा के माता-पिता ने अपनी तरफ से बहुत बड़े आर्थिक समझौते किए थे। इस सीमित आय वाले परिवार ने उसकी नागपुर में कोचिंग की भारी फीस भरने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 3 लाख रुपये का कर्ज लिया था।
उसके पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी पेशे से एक किसान हैं। बेटी की पढ़ाई में कोई अड़चन न आए, इसके लिए उन्होंने नागपुर में बतौर रसोइया (कुक) भी काम किया ताकि वहां रहकर उसकी तैयारी का खर्च उठाया जा सके।
पूरा परिवार इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त था कि इस साल उनकी बेटी को एक बेहतरीन मेडिकल कॉलेज में दाखिला जरूर मिल जाएगा। लेकिन मौके से बरामद हुआ सुसाइड नोट भविष्य को लेकर आकांक्षा की गहरी चिंताओं को बयां करता है।
आकांक्षा ने अपने आखिरी खत में लिखा, “मम्मी-पापा, आपको पूरा भरोसा था कि आपकी बेटी पढ़-लिखकर डॉक्टर बनेगी। लेकिन मुझमें दोबारा नीट की परीक्षा देने का साहस नहीं है। मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया है।”
उसने अपने पत्र में आगे लिखा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगर वह दोबारा परीक्षा देती है, तो उसका प्रदर्शन उतना ही अच्छा रहेगा जितना पिछली बार था।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। रिश्तेदारों का कहना है कि पूरे घर ने आकांक्षा के सफल मेडिकल करियर पर अपनी सारी उम्मीदें टिका रखी थीं। पेपर लीक के आरोपों और उसके बाद परीक्षा रद्द होने की पूरी प्रक्रिया ने देशभर के कई उम्मीदवारों के बीच भारी चिंता और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
इस तरह का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। झारखंड में भी नीट विवाद के चलते गंभीर अवसाद से जूझ रही एक 16 वर्षीय छात्रा ने हाल ही में आत्महत्या कर ली थी।
उस मृतका के परिवार ने बताया था कि 10वीं कक्षा पास करने के बाद वह नीट की तैयारी के लिए दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में गई थी। अपना कोर्स पूरा करने के बाद वह घर लौटी और परीक्षा में शामिल हुई थी। उसके परिजनों के अनुसार, वह भी इस साल इस प्रतियोगी परीक्षा को पास करने को लेकर पूरे आत्मविश्वास से भरी हुई थी।
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