मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) के कथित पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ जयपुर में चल रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को कुछ युवकों ने सरेआम कई थप्पड़ जड़ दिए। यह चौंकाने वाली घटना उस वक्त हुई जब समर्थक उन्हें अपने कंधों पर उठाकर ले जा रहे थे।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पूरा हंगामा जयपुर के शहीद स्मारक पर हुआ। यहां CJP के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से एकजुट हुए थे। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि भीड़ के बीच कंधों पर बैठे दिपके पर अचानक कुछ युवकों ने हमला कर दिया।
इस हमले के तुरंत बाद धरना स्थल पर हालात बेकाबू हो गए। दिपके के समर्थकों ने हमलावर युवकों को मौके पर ही दबोच लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। हालांकि, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस घटना की गहन जांच कर रही है।
शहीद स्मारक पर हुए इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े अहम मुद्दों को उठाना था। हाथों में भ्रष्टाचार विरोधी तख्तियां लिए युवाओं ने व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने नीट विवाद की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी पुरजोर मांग की।
जयपुर में हुआ यह प्रदर्शन कोई इकलौती घटना नहीं है। दरअसल, यह कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ‘जस्टिस’ (न्याय) बैनर तले चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। पार्टी का स्पष्ट तौर पर कहना है कि नीट प्रश्न पत्र का लीक होना हमारी परीक्षा प्रणाली की एक बहुत बड़ी नाकामी को दर्शाता है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही हर हाल में तय होनी चाहिए, जिसे लेकर कई शहरों में लगातार धरने-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।
इससे पहले बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। वहां मूसलाधार बारिश के बावजूद भारी संख्या में युवाओं ने इकट्ठा होकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर परीक्षा में होने वाली धांधली को रोकने में विफल रहने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग रखी।
बेंगलुरु के इस आंदोलन में कई युवा समूहों और संगठनों के साथ-साथ मशहूर अभिनेता प्रकाश राज ने भी हिस्सा लिया और अभियान को अपना समर्थन दिया। आयोजकों ने यह साफ कर दिया है कि उनका यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। जब तक कथित नीट घोटाले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और युवाओं के रोजगार व शिक्षा से जुड़ी चिंताओं का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक देश के प्रमुख शहरों में यह प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा।
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