1 जनवरी 2022 से क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए आ रहे नए नियम; नए बदलावों को यहां देखें - Vibes Of India

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1 जनवरी 2022 से क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए आ रहे नए नियम; नए बदलावों को यहां देखें

| Updated: December 22, 2021 20:49

1 जनवरी 2022 से क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी जैसे कार्ड नंबर सीवीवी और समाप्ति तिथि को ऑनलाइन लेनदेन का भुगतान करते समय व्यापारियों द्वारा सुरक्षित नहीं किया जा सकता है। देश के शीर्ष बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में सभी विक्रेताओं जैसे कि Amazon, Flipkart और Zomato को ऑनलाइन लेनदेन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उनके पास पहले से संग्रहीत कार्ड (कार्ड की सुरक्षित जानकारियां) हटाने का निर्देश दिया गया है। नियामक ने कार्ड जारी करने वाले बैंकों या कंपनियों के अनुरोध पर वीजा, मास्टरकार्ड या रुपे जैसे कार्ड नेटवर्क को टोकन जारी करने की अनुमति दी है। टोकनाइजेशन नामक यह नई प्रणाली सुरक्षित होगी क्योंकि व्यापारियों द्वारा वास्तविक कार्ड विवरण संग्रहीत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे डेटा चोरी और धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाएगी। हालांकि इस योजना की सफलता व्यापारियों की तैयारियों पर निर्भर करेगी।

क्रेडिट और डेबिट कार्ड का टोकनाइजेशन क्या है?

कार्ड टोकनाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा कार्ड के विवरण को एक यूनिक कोड या टोकन से बदल दिया जाता है, जिससे संवेदनशील विवरणों को उजागर किए बिना खरीदारी की जा सकती है।

क्या यह एक नई अवधारणा है?

नहीं, यह भारत में पहले से मौजूद है। यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) टोकननाइजेशन अवधारणा का उपयोग करता है, जो इसे सबसे सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान प्रणालियों में से एक बनाता है।

क्रेडिट और डेबिट कार्ड के टोकनाइजेशन से किसे फायदा होगा?

कार्ड के टोकन का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाना है जो ऑनलाइन भुगतान का उपयोग करते हैं। इससे ऑनलाइन भुगतान सुरक्षित हो जाएगा। आरबीआई ने व्यापारियों से प्रत्येक टोकन के लिए एक ‘टोकन संदर्भ संख्या’ बनाने को कहा है। केवल ये संदर्भ संख्या व्यापारियों द्वारा संग्रहीत की जाती हैं। एक बार धोखाधड़ी का पता चलने के बाद, उसी टोकन का दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता है। यूजर्स को नए टोकन के लिए रिक्वेस्ट करनी होगी।

अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में क्या होगा?

टोकनाइजेशन केवल घरेलू लेनदेन के लिए है।

क्या उपभोक्ताओं को अपनी टोकन जानकारी याद रखने की आवश्यकता है?

टोकन भी 16 अंकों के होंगे जैसे क्रेडिट या डेबिट कार्ड के नंबर्स होते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को इन्हें याद रखने की आवश्यकता नहीं है।

टोकन कौन जारी करेगा?

कार्ड नेटवर्क – वीज़ा, मास्टरकार्ड या रुपे – टोकन जारी करेगा और कार्ड जारी करने वाले बैंकों को सूचित करेगा। कुछ बैंक कार्ड नेटवर्क को टोकन जारी करने से पहले स्वीकृति लेने के लिए कह सकते हैं।

क्या सभी व्यापारियों के लिए एक टोकन होगा?

नहीं, कार्ड और मर्चेंट के संयोजन के लिए टोकन यूनिक होंगे। यदि किसी उपभोक्ता के पास एक ही कार्ड है, लेकिन वह तीन अलग-अलग व्यापारियों से ऑनलाइन खरीदारी करता है, तो तीन अलग-अलग टोकन जारी किए जाएंगे।

टोकन उपलब्ध नहीं होने पर क्या होगा?

ग्राहकों को हर बार खरीदारी करने पर कार्ड विवरण दर्ज करना होगा।

क्या मैं अपना टोकन हटा सकता हूं और टोकन कार्ड का प्रबंधन कौन करेगा?

टोकन कार्ड का प्रबंधन कार्डधारकों के लिए बैंक पोर्टल करेंगे, और कार्ड धारक टोकन भी हटा सकते हैं।

कौन सी चुनौतियां आ सकती हैं?

बहुत से उपयोगकर्ता टोकन के बारे में, यह कैसे काम करेगा इसके बारे में नहीं जानते हैं। ये भी आशंकाएं हैं कि इससे ऑनलाइन कार्ड भुगतान की मात्रा कम हो सकती है और वॉलेट भुगतान को बढ़ावा मिल सकता है।

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