गांधीनगर: गुजरात में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना के तहत जारी किए गए फंड में पिछले चार वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। साल 2022-23 की तुलना में 2025-26 में इस योजना के बजट में 2843% की विशाल बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, अब तक राज्य के कुल 2,28,504 किसान इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
यह जानकारी केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने 16 दिसंबर, 2025 को राज्यसभा में दी। वे राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
फंड का विवरण: गुजरात और केंद्र की स्थिति
सांसद नथवानी ने योजना की शुरुआत से अब तक जारी किए गए फंड और लाभार्थियों के विवरण के बारे में जानकारी मांगी थी। मंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार:
- गुजरात की स्थिति: पिछले चार वर्षों में गुजरात को कुल ₹326.92 करोड़ प्राप्त हुए। साल-दर-साल का विवरण इस प्रकार है:
- 2022-23: ₹7.83 करोड़
- 2023-24: ₹28.72 करोड़
- 2024-25: ₹59.95 करोड़
- 2025-26 (30 नवंबर 2025 तक): ₹230.42 करोड़
- देश की स्थिति: केंद्र सरकार ने पिछले चार वर्षों में कुल ₹6392.98 करोड़ जारी किए हैं। इसमें 2024-25 में सर्वाधिक ₹2,564.14 करोड़ जारी किए गए।
किसानों की आय बढ़ाने के तीन मुख्य स्तंभ
मंत्री ने बताया कि PM-KUSUM योजना के विभिन्न घटकों (Components) के माध्यम से किसान ‘अन्नदाता’ के साथ-साथ ‘ऊर्जादाता’ भी बन रहे हैं:
- घटक-A (Component A): किसान सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए अपनी भूमि पट्टे (lease) पर दे सकते हैं और ₹80,000 प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष तक कमा सकते हैं। इस घटक के तहत चालू किए गए संयंत्रों से औसतन आय ₹4.5 लाख प्रति मेगावाट प्रति माह है।
- घटक-B (Component B): मौजूदा डीजल पंपों को सौर पंपों से बदला जाता है। 5 HP के पंप पर प्रतिदिन 4.6 लीटर डीजल की खपत और ₹87/लीटर की लागत के आधार पर, किसान एक साल से भी कम समय में अपनी लागत वसूल कर लेता है। इससे डीजल खर्च में कम से कम ₹60,000 प्रति वर्ष की बचत होती है।
- घटक-C (Component C): सौर परियोजनाओं की स्थापना के लिए भूमि पट्टे पर देकर किसान ₹25,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष कमा सकते हैं।
PM-KUSUM योजना
PM-KUSUM एक मांग आधारित योजना है। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त मांग और उनकी प्रगति के आधार पर क्षमता आवंटित की जाती है और फंड जारी किए जाते हैं।
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