गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। यह नया टर्मिनल पूर्वोत्तर भारत में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस प्रोजेक्ट को गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है, जबकि इसका संचालन अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
एक साल से भी कम समय में तैयार हुआ वर्ल्ड क्लास टर्मिनल
यह परियोजना निर्माण गति और ऑपरेशनल तैयारियों का एक अनूठा उदाहरण है। कांसेप्ट से लेकर ऑपरेशन तक इसे तैयार करने में एक साल से भी कम समय लगा। इस टर्मिनल का डिज़ाइन प्रधानमंत्री द्वारा ‘एडवांटेज असम 2.0’ के दौरान प्रस्तुत किया गया था।
जर्मनी के म्यूनिख से आए एक्सपर्ट की टीम के सहयोग से ऑपरेशनल रेडीनेस और एयरपोर्ट ट्रांसफर (ORAT) प्रोग्राम के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि पहले दिन से ही सभी सिस्टम और पैसेंजर फ्लो सटीक रूप से काम करें ।
‘द बैंबू ऑर्किड्स’: पूर्वोत्तर की संस्कृति और प्रकृति का संगम
नया टर्मिनल आधुनिक वास्तुकला और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत का बेहतरीन मिश्रण है। “द बैंबू ऑर्किड्स” नाम से पहचाना जाने वाला यह टर्मिनल असम के प्रसिद्ध कोपौ फूल (फॉक्सटेल ऑर्किड) और स्थानीय बांस प्रजातियों से प्रेरित है।
- इसमें लगभग 140 मीट्रिक टन स्थानीय बांस का उपयोग किया गया है।
- मुख्य रूप से असम के भोलुका बांस और अरुणाचल प्रदेश के अपातानी बांस का इस्तेमाल हुआ है।
- प्राकृतिक रोशनी और सामग्री के उपयोग के साथ यह देश के प्रमुख प्रकृति-प्रेरित एयरपोर्ट डिज़ाइनों में से एक है।
भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार: क्षमता और निवेश
गुवाहाटी एयरपोर्ट वर्तमान में देश का 10वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है और इसने वित्त वर्ष 2024-25 में 65 लाख यात्रियों का ट्रैफिक दर्ज किया है। नए टर्मिनल के साथ इसकी क्षमता में भारी विस्तार होगा:
- यह टर्मिनल साल 2032 तक 1.31 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
- पूरे हवाई अड्डे के विकास पर कुल ₹5,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिसमें से ₹1,000 करोड़ मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं के लिए हैं।
- यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें डिजी यात्रा, स्मार्ट चेक-इन सिस्टम और विशाल यात्री क्षेत्र बनाए गए हैं।
एक्ट ईस्ट नीति का प्रवेश द्वार
उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “विकास का उत्सव” का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि एक्ट ईस्ट नीति के तहत असम भारत के पूर्वी प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है और यह टर्मिनल विकसित भारत के निर्माण में असम की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है।
अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने इस अवसर पर कहा, “गुवाहाटी टर्मिनल यह दिखाता है कि कैसे स्थानीय पहचान से गहराई से जुड़े रहते हुए वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से तैयार किया जा सकता है। यह पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को मज़बूत करेगा और आर्थिक विकास को तेज करेगा।”
देशव्यापी विस्तार का हिस्सा
गुवाहाटी का यह विकास अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के नेतृत्व में देशभर में चल रहे एविएशन विस्तार का हिस्सा है। इसी क्रम में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का ऑपरेशन भी 25 दिसंबर से शुरू होने वाला है। साथ ही, गुवाहाटी में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड डोमेस्टिक और इंटरनेशनल कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर से क्षेत्र में बिजनेस और रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा।
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