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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोरबी ब्रिज हादसे के पीड़ितों से मिले, जताई संवेदना

| Updated: November 1, 2022 7:48 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम मोरबी पुल हादसे (Morbi bridge tragedy) के पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने पुल के टूट कर गिरने की जगह का निरीक्षण (inspected) किया। फिर दुर्भाग्यपूर्ण (unfortunate) घटना के बारे में लोकल अधिकारियों से बात की। उनके साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और कैबिनेट मंत्री हर्ष सांघवी भी थे। मोदी के मोरबी पहुंचने से कुछ घंटे पहले सरकार ने मृतकों के परिजनों (kin of the deceased) को छह लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये के मुआवजे (compensation) की घोषणा की थी।

निरीक्षण (inspection) के बाद मोदी और पटेल ने मोरबी सिविल अस्पताल में घायलों से बातचीत की। बता दें कि इस त्रासदी में 134 से अधिक लोगों की जान चली गई, जिनमें 56 बच्चे और किशोर (teenagers) थे। लगभग 100 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मोरबी सिविल अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोरबी स्थित एसपी के कार्यालय पहुंचे।

दौरे के बाद पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर अपनी बातें रखीं। कहा: मोरबी गए, जहां भीषण पुल दुर्घटना हुई थी। शोक में डूबे परिवारों से मुलाकात की और संवेदना जताई। मैंने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल गया। घायलों की हालत में सुधार हो रहा है। उनसे भी मुलाकात की, जो बचाव और राहत कार्य में लगे थे। फिर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

इससे पहले 31 अक्टूबर को हुई इस त्रासदी को लेकर पीएम मोदी ने केवड़िया में टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, ‘मैं हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में सरकार हर तरह से शोक संतप्त परिवारों के साथ है। गुजरात सरकार राहत और बचाव अभियान चला रही है। केंद्र भी राज्य सरकार को हर संभव मदद कर रहा है। लोगों को कम से कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जा रही है।’

इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “इस कठिन समय में हमारे साथ रहने और गुजरात को इस दुख से बाहर निकालने के लिए मार्गदर्शन (guiding) करने के लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी (grateful) हैं।”

इस बीच, घटना के दो दिन बाद भी मच्छू नदी में तलाशी अभियान जारी रहा। घटना में मरने वालों की संख्य़ा 140 तक पहुंच चुकी है। बचाव अभियान की देखरेख कर रहे एनडीआरएफ कमांडेंट वीवीएन प्रसन्ना कुमार ने कहा कि नदी के किनारे कुछ शव पड़े हो सकते हैं।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने पुल टूट कर गिरने की न्यायिक जांच (judicial inquiry) की मांग वाली याचिका को 14 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध (listed the petition) कर लिया है।

मोरबी ब्रिज हादसा: मरने वालों की संख्या 132 तक पहुंची

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