आप में मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ इंद्रनील राजगुरु ने कांग्रेस में की घर वापसी

| Updated: November 4, 2022 9:30 pm

शुक्रवार सुबह  तक गुजरात में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party )के मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल रहे पूर्व विधायक इंद्रनील राजगुरु Indranil Rajguru देर शाम आम आदमी पार्टी (AAP ) को झटका देते हुए कांग्रेस (Congress )में शामिल होकर घर वापसी कर ली। गुजरात के सबसे धनी नेताओं में शामिल इंद्रनील आप में शामिल होने के पहले कांग्रेस में थे।

दिल्ली पहुंचकर AICC में  गुजरात प्रभारी रघु शर्मा (Gujarat in-charge Raghu Sharma ), सह प्रभारी रामकिंकर ओझा , गुजरात प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जगदीश ठाकोर (Gujarat Pradesh Congress chief Jagdish Thakor) , नेता विरोध पक्ष सुखराम राठवा (Sukhram Rathwa )की उपस्थिति में इंद्रनील राजगुरु कांग्रेस में शामिल हुए। आप को अवसरवादी और भाजपा की बी टीम बताते हुए इंद्रनील ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में किसी की नहीं सुनी जा रही है। आप की तरफ से सौराष्ट्र के मजबूत नेता में शुमार राजगुरु की घर वापसी केजरीवाल के लिए बड़ा झटका है। आप में इस मूल कांग्रेसी नेता ने 220 दिन बिताये।  

राजगुरु ने 2012 में राजकोट-पूर्व सीट से कांग्रेस विधायक के रूप में जीत हासिल की। 2017 में, उन्होंने राजकोट-पश्चिम सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अपनी सुरक्षित सीट छोड़ने का फैसला किया। लेकिन वह अंततः रूपाणी से हार गए।

2018 में, राजगुरु ने यह दावा करते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया कि वह पार्टी संगठन के कामकाज से नाखुश हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पार्टी कार्यकर्ताओं को दंडित करने के बजाय पदोन्नत किया गया था।

राजगुरु 2019 में कांग्रेस में फिर से शामिल हो गए और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार भी किया।

अप्रैल 2022 में राजगुरु अपने समर्थकों के साथ आप में शामिल हो गए। आप में शामिल होते वक्त राजगुरु गुजरात कांग्रेस में उपाध्यक्ष थे।  122 करोड़ की संपत्ति जारी करने वाले इस धनी नेता ने आप में शामिल होने के दौरान  आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal )की प्रशंसा करते हुए दावा किया था कि “दिल्ली के मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के लिए नहीं बल्कि लोगों के लिए लड़ते हैं।इस रवैये ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैं शुरू से ही कांग्रेस में था क्योंकि मैं लोगों की सेवा करना चाहता था। भाजपा ने लोगों को बेवकूफ बनाकर सत्ता हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने एक विकल्प बनने की क्षमता खो दी है। मेरी एकमात्र समस्या है कांग्रेस यह है कि उसमें भाजपा को हराने की इच्छाशक्ति की कमी है।”

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