गुजरात के बनासकांठा जिले से एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। यहां अंधविश्वास और अफवाहों ने एक हंसते-खेलते परिवार को खून से नहला दिया। गांव के कुछ लोगों ने एक महिला पर डायन होने का आरोप लगाया और फिर लाठी-कुल्हाड़ियों से लैस होकर उसके घर पर धावा बोल दिया।
इस बर्बर हमले में महिला के पति की जान चली गई, जबकि बचाव में आए बच्चे गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। यह घटना दिखाती है कि समाज में आज भी अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी और जानलेवा हैं।
यह दिल दहला देने वाली घटना 19 मई को बनासकांठा के गादी वांकड़ा गांव में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, चार महिलाओं सहित 12 ग्रामीणों का एक गुट 50 वर्षीय मनु भाई डामोर के घर में जबरन घुस गया।
इनके हाथों में लाठियां और कुल्हाड़ियां थीं। हमलावरों ने मनु भाई की पत्नी कमलाबेन को ‘डायन’ कहना शुरू कर दिया और उन्हें जान से मारने की मांग करने लगे।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि गांव वालों को शक था कि कमलाबेन जादू-टोना करती हैं। इसी अफवाह को सच मानकर भीड़ उनके घर की तरफ निकल पड़ी थी। देखते ही देखते यह अंधविश्वास एक जानलेवा और खौफनाक हिंसा में तब्दील हो गया।
बिना किसी चेतावनी के हमलावरों ने घर में घुसते ही परिवार के सदस्यों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वे लगातार चिल्ला रहे थे कि कमलाबेन डायन है और उसे खत्म कर देना चाहिए। अचानक हुए इस हमले से परिवार बुरी तरह घबरा गया और कुछ ही पलों में वहां चीख-पुकार मच गई।
इस अफरा-तफरी के बीच मनु भाई के बेटे जितेंद्र ने अपने परिवार को बचाने की कोशिश की। लेकिन भीड़ इतनी उग्र थी कि उन्होंने जितेंद्र के सिर पर कुल्हाड़ी से जोरदार वार कर दिया। पुलिस का कहना है कि जितेंद्र के लहूलुहान होकर जमीन पर गिरने के बाद भी हमलावर रुके नहीं और मारपीट करते रहे।
हिंसा ने तब और भी क्रूर रूप ले लिया, जब भीड़ में शामिल चार महिलाओं ने मनु भाई को घर से बाहर घसीटना शुरू कर दिया। वे उन्हें घसीटते हुए पास के एक खेत में ले गईं। वहां मनु भाई पर कुल्हाड़ियों और लाठियों से ताबड़तोड़ कई वार किए गए, जिससे उनके सिर पर बेहद गंभीर चोटें आईं।
इस जानलेवा हमले के दौरान अपने माता-पिता की जान बचाने की जद्दोजहद में मनु भाई के दोनों बेटे भी बुरी तरह घायल हो गए।
हमले के बाद मनु भाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे करीब एक हफ्ते तक मौत से लड़ते रहे। आखिरकार 26 मई को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके दोनों घायल बेटों का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। जांचकर्ताओं को शक है कि यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि डायन होने की अफवाहों और अंधविश्वास की आड़ में इसे पहले से ही प्लान किया गया था। फिलहाल इस खौफनाक वारदात की आगे की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें-
गुजरात सरकार और अडानी ग्रुप का समझौता: कच्छ के 11 ITI का होगा कायाकल्प, रुकेगा प्रतिभा पलायन
विदेशी निवेश पर बड़ा खुलासा: भारत में FDI का आना बढ़ा, लेकिन रुकने के बजाय क्यों लौट रहा है पैसा?











