मुंद्रा: एक समय था जब मुंद्रा भारत के पश्चिमी किनारे पर एक शांत मछुआरा गांव मात्र था, लेकिन आज यह देश का सबसे बड़ा और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब बन चुका है। इसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को अडानी मुंद्रा एयरपोर्ट ने स्टार एयर के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत मुंबई और गोवा के लिए अपनी पहली उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत कर दी है।
1990 के दशक के अंत तक मुंद्रा कच्छ का एक ऐसा सूखा और दलदली क्षेत्र था, जहां कोई उद्योग या राजमार्ग नहीं था। हालांकि, सदियों पहले यहां के कच्छी जहाजों ने गुजरात के बाजारों को मस्कट और ज़ांज़ीबार से सफलतापूर्वक जोड़ा था। औपनिवेशिक काल में बॉम्बे के उदय के साथ मुंद्रा का महत्व कम जरूर हुआ, लेकिन इसका गहरा और प्राकृतिक तटीय भूगोल इसकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा, जिसे एक नए सिरे से तराशने की जरूरत थी।
साल 1998 में अडानी समूह ने इस क्षमता को पहचाना और गुजरात में निजी निवेश के अवसरों का लाभ उठाते हुए मुंद्रा को सिर्फ एक बंदरगाह नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) बनाने की नींव रखी। आज इसका स्वरूप पूरी तरह से बदल चुका है। 2000 के दशक के मध्य तक उद्योग यहां केवल गुजरने के लिए नहीं, बल्कि बसने और विस्तार करने लगे। आज यह लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा और व्यापार का एक विशाल संगम है।
वर्तमान में मुंद्रा भारत के लगभग 11 प्रतिशत समुद्री माल (कार्गो) और देश के लगभग एक तिहाई कंटेनरों को संभालता है, जिससे यह दक्षिण एशिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक गेटवे में से एक बन गया है। मुंद्रा पोर्ट जहां उत्तरी भारत के लिए कार्गो का प्रवेश द्वार है, वहीं मुंद्रा एसईजेड (SEZ) भारतीय निर्यात का मुख्य केंद्र है। व्यापारिक कंपनियां अब यहां केवल आयात-निर्यात के लिए नहीं आ रही हैं, बल्कि उत्पादन से लेकर स्टोरेज और वितरण तक की पूरी वैल्यू चेन स्थापित कर रही हैं।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से रेलवे और सड़क मार्ग से जुड़ा यह क्षेत्र अब वायु मार्ग से भी मजबूती से जुड़ गया है। नए अत्याधुनिक टर्मिनल से शुरू हुई स्टार एयर की आठ नई हवाई सेवाएं मुंद्रा को मुंबई और गोवा के अलावा हिंडन, सूरत, बेलगावी, बेंगलुरु, कोल्हापुर और नांदेड़ जैसे प्रमुख शहरों से भी जोड़ेंगी। इससे एक नया एक्सप्रेस कॉरिडोर तैयार होगा जो व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन के लिए यात्रा के समय को काफी कम कर देगा।
अडानी समूह के सफल विकास मॉडल पर आधारित इस मुंद्रा एयरपोर्ट में 1,900 मीटर का विशाल रनवे है, जो विभिन्न यात्री और कार्गो विमानों को संभालने में पूरी तरह सक्षम है। विशाल पार्किंग, कई चेक-इन काउंटर, लाउंज, फूड कोर्ट और व्हीलचेयर सुविधाओं से सुसज्जित यह एयरपोर्ट मुंद्रा के व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण लास्ट-माइल लिंक प्रदान करेगा। इससे बंदरगाह से होने वाले विशाल व्यापारिक प्रवाह को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन के साथ अधिक कुशलता से प्रबंधित किया जा सकेगा।
यह हवाई मार्ग मुंद्रा के आर्थिक इंजन को और रफ्तार देने के लिए उठाया गया एक सुनियोजित कदम है। यह पहल नवी मुंबई, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, मंगलुरु और गुवाहाटी सहित आठ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के प्रबंधन में अडानी समूह की विशेषज्ञता का सीधा लाभ उठाती है।
मुंद्रा का यह बदलाव अपने आप नहीं हुआ है, बल्कि इसे रणनीतिक रूप से ऐसे तैयार किया गया है जिसने भारत के समुद्री व्यापार को पुनर्जीवित करते हुए इसे भविष्य के एक अभूतपूर्व लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब में तब्दील कर दिया है।
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