जून के महीने में मानसून ने गुजरात को बुरी तरह निराश किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक राज्य में औसतन 110.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तव में केवल 20.5 मिमी बारिश ही दर्ज़ की गई है। इस 82 प्रतिशत की भारी कमी के कारण गुजरात फिलहाल देश के सभी राज्यों में बारिश के मामले में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है।
राज्य की यह स्थिति मेघालय, मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से भी अधिक ख़राब है। मेघालय में 74 प्रतिशत, मणिपुर में 71 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 65 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज़ की गई है। मौसम विभाग की आधिकारिक भाषा में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी को ‘अत्यधिक कमी’ (लार्ज डेफिसिएंट) की श्रेणी में रखा जाता है।
अहमदाबाद जिले के लिए 98.2 मिमी बारिश को सामान्य माना जाता है, पर अब तक यहाँ सिर्फ 22.8 मिमी पानी ही बरसा है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर 77 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। वहीं, अकेले अहमदाबाद शहर की बात करें तो यहाँ महज़ 11 मिमी औसत बारिश हुई है, जो शहर की कुल वार्षिक औसत बारिश का मात्र 1.3 प्रतिशत ही है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में शहर और पूरे राज्य के लिए यह अब तक का सबसे सूखा जून रहा है। जल संकट के हालात इतने गंभीर हैं कि राज्य के आठ जिलों में बारिश की कमी 90 प्रतिशत से भी अधिक दर्ज़ की गई है। अगर साल 2022 के आंकड़ों से इसकी तुलना करें, तो 30 जून तक अहमदाबाद शहर में 33 मिमी और पूरे गुजरात में 64.2 मिमी बारिश दर्ज़ की गई थी।
आईएमडी के अधिकारियों ने बताया कि आमतौर पर जून के अंत तक मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेता है। लेकिन इस बार 30 जून को मानसून की उत्तरी सीमा केवल सूरत से होकर ही गुज़र रही थी।
बारिश न होने की वजह से अहमदाबाद के लोगों ने अब तक के सबसे गर्म जून का सामना किया है। महीने के 30 दिनों में से 27 दिन ऐसे रहे जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। पिछले कुछ दिनों से शहर में बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी भी हुई है, लेकिन इससे गर्मी से राहत मिलने के बजाय उमस भरे दिनों में इजाफा ही हुआ है।
मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक बढ़कर 40.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 29.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री ज़्यादा था।
हालाँकि, 30 जून को बारिश के कुछ सकारात्मक आंकड़े भी देखने को मिले। आईएमडी के मुताबिक़, राज्य की 64 तालुकाओं में 1 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज़ की गई। इनमें से 20 तालुकाओं में 28 मिमी या उससे ज़्यादा पानी बरसा। नवसारी में रात 8 बजे तक सबसे अधिक 94 मिमी बारिश दर्ज़ की गई। ये सभी इलाके मुख्य रूप से दक्षिण गुजरात और तटीय सौराष्ट्र के हिस्से हैं।
मौसम विभाग ने बुधवार को दक्षिण और पूर्वी गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में छोटा उदयपुर, नर्मदा, भरूच, सूरत, तापी, डांग, नवसारी और वलसाड शामिल हैं। इसके साथ ही, दक्षिण और मध्य गुजरात के कई इलाकों में भी मध्यम बारिश के आसार बन रहे हैं।
गुरुवार से दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार यह मौसमी स्थिति 6 जुलाई तक बनी रहेगी। आईएमडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले कुछ ही दिनों में मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेज़ी से आगे बढ़ेगा, जिससे गर्मी और सूखे से राहत मिलने की उम्मीद है।
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