गुजरात के गिरनार में 11 साल के बच्चे पर शेर के जानलेवा हमले के बाद राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। तीर्थयात्रा मार्ग पर एशियाई शेरों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सोमवार को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई अहम उपायों की घोषणा की गई।
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देशों के बाद ये बड़े फैसले लिए गए हैं। गांधीनगर के वरिष्ठ वन अधिकारियों और जूनागढ़ डिवीजन के फील्ड अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सुरक्षा का यह नया खाका तैयार किया गया। मंत्री के अनुसार, घटना के तुरंत बाद ही सीएम ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
सुरक्षा के इन नए उपायों के तहत सरकार 25 अतिरिक्त वाइल्डलाइफ ट्रैकर्स की भर्ती करने जा रही है। ये ट्रैकर्स शेरों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में मदद करेंगे। इसके अलावा, संवेदनशील स्थानों पर स्थायी रूप से सुरक्षा चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। गिरनार तीर्थयात्रा मार्ग और उसके आसपास के जंगलों में वन्यजीवों की हलचल पर पैनी नजर रखने के लिए ड्रोन सर्विलांस भी शुरू किया जाएगा।
वन विभाग स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों को जागरूक करने के लिए एक व्यापक अभियान भी चलाएगा। इसके तहत मानव-वन्यजीव संघर्ष के जोखिम को कम करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश और सुरक्षा परामर्श जारी किए जाएंगे। मंत्री मोढवाडिया ने बताया कि सरकार जूनागढ़ जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करेगी। इस एसओपी में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और गिरनार वन्यजीव अभयारण्य में काम कर रहे विभिन्न विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा।
वन्यजीवों को तेज आवाज और मानवीय गतिविधियों से होने वाली परेशानी से बचाने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने पूरे तीर्थयात्रा क्षेत्र को ‘साइलेंस जोन’ (शांत क्षेत्र) घोषित करने का ऐलान किया है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि शेरों की आवाजाही को मॉनिटर करने के लिए आसपास के इलाकों की लगातार स्कैनिंग की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गौरतलब है कि शनिवार तड़के 11 वर्षीय मयूर चौहान अपने परिवार के साथ गिरनार की चढ़ाई कर रहा था, तभी एक शेर ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, जानवर बच्चे को सीढ़ियों से खींचकर ले गया था और बाद में मासूम के अवशेष बरामद किए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने उस रास्ते के पास तीन शेरों को देखने की बात कही थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए वन अधिकारियों ने इलाके से एक शेरनी और दो शेरों को पकड़ लिया है। शुरुआती जांच में एक शेर की उल्टी में इंसानी मांस के अंश पाए गए हैं, जबकि अन्य जानवरों के मल के नमूनों का विश्लेषण अभी जारी है।
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