अहमदाबाद में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) को जीवनसाथी की तलाश करना बेहद महंगा पड़ गया। मैट्रिमोनियल ऐप के जरिए संपर्क में आई एक महिला ने उन्हें भारी मुनाफे का लालच देकर उनके साथ लगभग 79 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी ठगी को अंजाम दिया है। इस चौंकाने वाले मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नारणपुरा के रहने वाले 33 वर्षीय पीड़ित ने मार्च 2025 में एक प्रसिद्ध मैट्रिमोनियल एप्लिकेशन पर अपना प्रोफाइल बनाया था। इसके कुछ समय बाद, 8 मई को उनकी नजर ‘हर्षिता’ नाम की एक प्रोफाइल पर पड़ी। उन्होंने उसे रिक्वेस्ट भेजी और जल्द ही दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। उस महिला ने अपना बायोडाटा साझा किया और लगातार संपर्क में रहकर बहुत ही चतुराई से उनका भरोसा जीत लिया।
दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, जब शिकायतकर्ता ने उस महिला के साथ अपने करियर और भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा की, तो उसने बातों ही बातों में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग का जिक्र छेड़ दिया। उसने बड़े आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि उसने इस ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाया है और जर्मनी के बर्लिन में एक शानदार प्रॉपर्टी भी खरीदी है। अपने दावों को बिल्कुल सच साबित करने के लिए उस ठग महिला ने बर्लिन की उस कथित प्रॉपर्टी के कुछ वीडियो भी पीड़ित को भेजे।
महिला की बातों और वीडियो के झांसे में आकर पीड़ित ने उसके द्वारा सुझाई गई एक इन्वेस्टमेंट वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन कर लिया। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उन्होंने उस प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में पैसे भेजना शुरू कर दिया। हर पेमेंट के बाद वह बकायदा रसीद अपलोड करते थे, जिसके एवज में उनके ऑनलाइन अकाउंट में उन्हें क्रिप्टोकरेंसी यूनिट्स दिखाई देने लगती थीं, जिससे उनका भरोसा और मजबूत होता गया।
कई महीनों तक चले इस गोरखधंधे में पीड़ित ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 78.9 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उस फर्जी पोर्टल पर उन्हें अपना मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिख रहा था। लेकिन, जब उन्होंने अपना पैसा निकालने (विड्रॉल) की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनसे अतिरिक्त शुल्क के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी।
बार-बार पैसे चुकाने के बावजूद जब उन्हें एक भी रुपया वापस नहीं मिला, तब जाकर उन्हें इस भारी धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का दरवाजा खटखटाया, जिसके आधार पर अब पुलिस ने विधिवत एफआईआर दर्ज कर ली है।
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