comScore दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी से हाइब्रिड कारों को झटका: मारुति सुजुकी ने फैसले को बताया हैरान करने वाला - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी से हाइब्रिड कारों को झटका: मारुति सुजुकी ने फैसले को बताया हैरान करने वाला

| Updated: July 2, 2026 14:56

दिल्ली सरकार की नई 'ईवी पॉलिसी 2026' में हाइब्रिड कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन छूट से बाहर रखने पर मारुति सुजुकी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, कंपनी की नई इलेक्ट्रिक एसयूवी 'ई-विटारा' (e-Vitara) को इस नीति के तहत 100% टैक्स छूट का पूरा फायदा मिलेगा।

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने दिल्ली सरकार के एक हालिया फैसले पर गहरी निराशा जताई है। सरकार ने अपनी अंतिम ‘दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026’ से स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को मिलने वाली छूट को पूरी तरह बाहर कर दिया है, जिसे कंपनी ने बेहद हैरान करने वाला कदम बताया है।

कंपनी का कहना है कि पर्यावरण के अनुकूल इस तकनीक को प्रदूषण फैलाने वाले डीजल वाहनों के समकक्ष खड़ा करना समझ से परे है। दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई से लागू हुई इस नीति की अंतिम अधिसूचना जारी की है, जिसमें से हाइब्रिड कारों को दी जाने वाली रियायतें पूरी तरह गायब हैं।

इससे पहले अप्रैल में जारी किए गए नीति के मसौदे (ड्राफ्ट) में 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक की स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 50 फीसदी छूट का प्रस्ताव दिया गया था। अंतिम नीति में इस प्रावधान को हटा दिया गया है, जबकि पूरी तरह से इलेक्ट्रिक (बैटरी ईवी) कारों को मिलने वाली शत-प्रतिशत छूट को बरकरार रखा गया है।

मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने इस बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति का हम स्वागत करते हैं, लेकिन अंतिम समय पर हाइब्रिड तकनीक को मिलने वाले फायदों को हटाना चौंकाने वाला है।

राहुल भारती ने सवाल उठाया कि एक तरफ डीजल जैसी बेहद प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां हैं और दूसरी तरफ पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाली हाइब्रिड तकनीक है, लेकिन नीति में दोनों को एक ही तराजू में तौल दिया गया है। कंपनी लगातार यह वकालत करती रही है कि देश को स्वच्छ ईंधन की ओर ले जाने के लिए कई तरह की कम उत्सर्जन वाली तकनीकों का साथ चलना जरूरी है।

वर्तमान में मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में ग्रैंड विटारा एसयूवी, विक्टोरिस एसयूवी और इनविक्टो एमपीवी जैसी गाड़ियों में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन का विकल्प दे रही है। इस नीतिगत बदलाव का असर केवल मारुति पर ही नहीं, बल्कि होंडा सिटी ई:एचईवी सेडान, टोयोटा अर्बन क्रूजर हायराइडर और टोयोटा इनोवा हायक्रॉस के चुनिंदा वेरिएंट्स पर भी पड़ेगा।

अगर ड्राफ्ट पॉलिसी का प्रस्ताव लागू रहता, तो 30 लाख रुपये से कम कीमत वाली इन सभी हाइब्रिड कारों को आधा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क ही देना पड़ता। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि इस नीतिगत बदलाव के बावजूद वह स्वच्छ तकनीकों में अपना निवेश निरंतर जारी रखेगी।

कंपनी लिथियम-आयन सेल, इलेक्ट्रोड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम के विकास पर तेजी से काम कर रही है। इसके साथ ही इथेनॉल जैसे बायोफ्यूल, सीएनजी, सीबीजी, पूर्ण इलेक्ट्रिक तकनीक और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों पर भी उनका शोध लगातार जारी रहेगा।

दूसरी तरफ, हाइब्रिड को झटका लगने के बावजूद मारुति सुजुकी की हाल ही में लॉन्च हुई पूरी तरह इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘ई-विटारा’ को इस नीति का पूरा फायदा मिलेगा। बाजार में इस इलेक्ट्रिक कार की एक्स-शोरूम कीमत 15.99 लाख रुपये से 19.99 लाख रुपये के बीच तय की गई है।

यह ईवी 49 किलोवाट-आवर (kWh) और 61 किलोवाट-आवर (kWh) के दो बैटरी पैक विकल्पों के साथ आती है, जो एक बार चार्ज करने पर 543 किलोमीटर तक का सफर तय करने का दावा करती है। चूंकि इसकी कीमत 30 लाख रुपये से कम है, इसलिए दिल्ली के खरीदारों को 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट मिलेगी।

इसके अलावा, जो ग्राहक दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-4 (BS-IV) या उससे पुरानी कार को कबाड़ (स्क्रैप) करके इस नई इलेक्ट्रिक एसयूवी को खरीदेंगे, उन्हें 1 लाख रुपये का अतिरिक्त स्क्रैपेज इंसेंटिव भी मिलेगा। इसके लिए अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर से सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट मिलने के छह महीने के भीतर गाड़ी खरीदनी होगी। यह लाभ पहले आने वाले 1 लाख आवेदकों तक ही सीमित रहेगा।

यह भी पढ़ें-

संसद में दो-तिहाई बहुमत के जादुई आंकड़े से कितना दूर है एनडीए? आसान भाषा में समझिए पूरा गणित

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर भीषण साइबर हमला: आईफोन 18 प्रो के गुप्त दस्तावेज़ लीक, संकट में एप्पल का साम्राज्य

Your email address will not be published. Required fields are marked *