अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने मणिनगर स्थित ‘सेवंथ डे एडवेंटिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल’ (Seventh Day Adventist Higher Secondary School) के प्रशासन को अपने नियंत्रण में ले लिया है। यह सख्त कदम स्कूल में एक छात्र द्वारा दूसरे छात्र की हत्या की घटना के लगभग चार महीने बाद उठाया गया है। शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि सरकारी अधिसूचना के जरिए लिया गया यह निर्णय संभवतः पहला ऐसा मामला है, जब किसी आंशिक रूप से अन्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूल का अधिग्रहण सरकार ने किया है।
प्रशासनिक बदलाव की यह प्रक्रिया मंगलवार से प्रभावी होने की उम्मीद है।
जांच में सामने आई थीं कई गंभीर खामियां
राज्य शिक्षा विभाग द्वारा अहमदाबाद के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSHSEB) के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्रों के मुताबिक, स्कूल में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए गए थे। अक्टूबर में DEO द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
रिपोर्ट में बताया गया कि स्कूल में बिना अनुमति के कक्षाएं बढ़ाई गई थीं, स्कूल चलाने वाले ट्रस्ट या सोसाइटी को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी, और अल्पसंख्यक संचालित (minority-run) दर्जे का सत्यापन नहीं था। इसके अलावा, जिस ट्रस्ट के नाम पर जमीन आवंटित थी और जो संस्था स्कूल चला रही थी, उनके नामों में भी विसंगतियां पाई गईं। सबसे गंभीर बात यह थी कि परिसर के पास ‘बिल्डिंग यूज़’ (BU) की अनुमति भी नहीं थी।
अधिकारियों ने क्या कहा?
राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मुकेश कुमार ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा, “राज्य सरकार ने स्कूल का प्रशासन अपने हाथ में ले लिया है और अहमदाबाद DEO को इसका प्रशासक (Administrator) नियुक्त किया गया है।”
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “अगर अन्य स्कूल भी नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, तो हम उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेंगे।”
अहमदाबाद के DEO रोहित चौधरी ने बताया कि उन्होंने GSHSEB इकोसिस्टम या अनुदान प्राप्त स्कूलों में इस तरह के अधिग्रहण का कोई और उदाहरण नहीं देखा है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता छात्रों की चिंताओं को दूर करना और उनका कल्याण सुनिश्चित करना होगी।”
अधिग्रहण की शर्तें और नियम
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, “छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) स्कूल के प्रशासक होंगे, लेकिन शर्त यह है कि अब कोई नया प्रवेश (New Admission) नहीं होगा। गुजरात बोर्ड (GSHSEB) के तहत पंजीकृत कक्षा 11 और 12 को राज्य सरकार अपने अधिकार में लेगी। वहीं, निजी प्राथमिक स्कूल का अधिग्रहण ‘बॉम्बे प्राइमरी एजुकेशन रूल्स, 1949’ के प्रावधानों के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही, इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) से संबद्ध प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक अनुभागों का नियंत्रण भी राज्य सरकार के पास होगा।”
घटना की पृष्ठभूमि
इस स्कूल में केजी (Kindergarten) से लेकर कक्षा 12 तक लगभग 10,000 छात्र पढ़ते हैं। यह स्कूल तब चर्चा और जांच के दायरे में आया जब एक पुराने विवाद के चलते कक्षा 8 के एक छात्र ने कक्षा 10 के छात्र पर हमला कर दिया था, जिसके बाद पीड़ित छात्र की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद स्कूल को एक महीने से अधिक समय तक ऑनलाइन मोड पर चलाना पड़ा था। अभिभावकों ने प्रशासन से अपील की है कि इन प्रशासनिक बदलावों का असर बच्चों की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए।
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