गुजरात – राघव चड्ढा को आप ने बनाया सहप्रभारी , पंजाब दोहराना कितना मुश्किल ?

| Updated: September 18, 2022 5:25 pm

गुजरात में विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Elections)से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने तेज-तर्रार छवि वाले युवा नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha )को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने उन्हें राज्य का सह-प्रभारी बनाया है। वह इससे पहले पंजाब Punjab के विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए अहम भूमिका निभा चुके हैं। गुजरात में अपनी जड़े जमाने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party )पूरी ताकत से मुकाबले को परिणामजनक बनाने में जुटी है।

राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को धन्यवाद दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मैं अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal )को धन्यवाद कहना चाहता हूं। उन्होंने मुझे एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मैं अपनी पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए अपना खून, पसीना, आंसू बहा दूंगा और कड़ी मेहनत करूंगा। गुजरात बदलाव चाहता है, गुजरात अच्छी शिक्षा-स्वास्थ्य चाहता है। गुजरात केजरीवाल चाहता है।”

राघव चड्ढा इससे पहले सह-प्रभारी पंजाब रहते हुए आम आदमी पार्टी की जीत के अहम सूत्रधार रह चुके हैं। यह भी कहा जाता है कि राघव चड्ढा की बनाई रणनीति के जरिये ही आम आदमी पार्टी ने पंजाब चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। राघव चड्ढा के कहने पर ही भगवंत मान को पंजाब में सीएम प्रत्याशी घोषित किया गया और नतीजा यह हुआ कि पंजाब में AAP ने ऐतिहासिक जीत हासिल की। इससे पहले राघव चड्ढा दिल्ली और पंजाब में अहम पदों पर काम कर चुके हैं। राघव चड्ढा कुशल राजनीतिज्ञ और प्रशासक माने जाते हैं। बड़ा सवाल यह है की पंजाब की सफलता क्या गुजरात में दोहरा पाएंगे या नहीं।

दिल्ली में जन्मे (11 नवंबर 1988 को) चड्ढा फिलहाल 33 साल के हैं। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस, दिल्ली विश्वविद्यालय (साल 2009 में बीकॉम) के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (2011 में सीए) से पढ़ाई की है। कम ही लोग जानते हैं कि वह पॉलिटिक्स में आने से पहले सीए थे। सियासी मैदान में आने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी थी।

मौजूदा समय में वह संसद के उच्च सदन राज्य सभा के सदस्य (पंजाब से) हैं। वह इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन और राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। वैसे, चड्ढा की गिनती केजरीवाल के करीबियों और एक्टिव नेताओं में की जाती है।

पंजाब में एक प्रचंड चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए एक इनाम के रूप में आम आदमी पार्टी ने रविवार को राघव चड्ढा को यह जिम्मेदारी दी है। चड्ढा इस साल की शुरुआत में पंजाब की जीत के बड़ी कड़ी भी थे, जब AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर 79 प्रतिशत बहुमत हासिल किया था।

2019 में दाखिल किए उनके हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 36 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति है। 2020-2021 में उन्हें दो लाख 44 हजार 600 रुपए की आय (निजी) हुई। उनके पास तब कैश में 30 हजार रुपए थे, जबकि बैंक खातों में साढ़े 14 लाख रुपए से अधिक जमा हैं। यही नहीं, उनके पास छह लाख से अधिक रुपए के बॉन्ड, डिबेंचर और शेयर भी हैं, जबकि 53 हजार रुपए की एलआईसी की पॉलिसी भी है।

गाड़ी की बात करें तो चड्ढा के पास मारुति सुजूकी स्विफ्ट डिजायर कार है, जिसकी कीमत उन्होंने 1,32 हजार रुपए आंकी। वहीं, 90 ग्राम गोल्ड जूलरी भी है, जिसकी कीमत पांच लाख रुपए के आसपास है। उनके पास इसके अलावा नौ लाख रुपए के आसपास की अन्य संपत्तियां भी हैं।

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