अहमदाबाद: गुजरात में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के बाद एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) हरित शुक्ला ने शुक्रवार को जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से 73.7 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं।
शुक्ला द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, इस व्यापक “सफाई” अभियान के बाद अब गुजरात की मतदाता सूची में कुल 4.34 करोड़ (43.4 मिलियन) मतदाता रह गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 27 अक्टूबर को जब यह कवायद शुरू हुई थी, तब यह आंकड़ा 5.08 करोड़ (स्रोत के अनुसार 5.08 मिलियन*) के करीब था।
क्यों हटाए गए लाखों नाम?
चुनाव आयोग के अनुसार, इन नामों को हटाने का फैसला तब लिया गया जब बार-बार सत्यापन और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करने के बावजूद इन लोगों की ओर से गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हुए।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई घर-घर जाकर किए गए सत्यापन (Door-to-door verification) पर आधारित थी। इस दौरान मृत मतदाताओं, हमेशा के लिए दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों, एक से अधिक जगहों पर रजिस्टर्ड वोटरों और सर्वे के दौरान नहीं मिले लोगों की पहचान की गई।
हरित शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि गणना फॉर्मों को पूरी तरह से डिजिटाइज़ कर दिया गया है।
आंकड़ों में समझिए स्थिति
हटाए गए कुल 73,73,327 नामों का ब्योरा देते हुए बयान में बताया गया कि इसमें शामिल हैं:
- स्थायी रूप से स्थानांतरित (Shifted): 40,25,553 मतदाता
- मृतक (Deceased): 18,07,278 मतदाता
- अनुपस्थित (Absent): 9,69,662 मतदाता
- डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन: 3,81,470 मतदाता
- अन्य श्रेणियां: 1,89,364 मतदाता
मतदाताओं के पास अब क्या विकल्प हैं?
अगर किसी मतदाता को लगता है कि उनका नाम गलती से हटा दिया गया है या वे अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो उनके पास अभी भी मौका है।
- दावा और आपत्ति की अंतिम तारीख: 18 जनवरी, 2026
- निपटारे की तारीख: चुनाव अधिकारी संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर और उनकी सुनवाई करने के बाद 10 फरवरी, 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा करेंगे।
- अंतिम प्रकाशन: मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन 17 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।
पारदर्शिता और जनशक्ति
मीडिया बयान के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची को सभी मतदान केंद्रों, निर्धारित स्थानों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की प्रतियों के साथ-साथ उन लोगों की सूची भी सौंपी गई है जिनके गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हुए थे।
इस विशाल अभियान को सफल बनाने में बड़े पैमाने पर सरकारी मशीनरी का उपयोग किया गया। इसमें 33 जिला निर्वाचन अधिकारी, 182 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 855 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 50,963 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), 54,443 बूथ लेवल एजेंट और 30,833 स्वयंसेवक शामिल थे।
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